राजनांदगांव, 23 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में दो सगे भाइयों ने हत्या की जांच के दौरान पुलिस पर कथित तौर पर मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है तथा पुलिस अधीक्षक से इस बारे में शिकायत की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
जिले के घुमका पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरबसपुर गांव के निवासी पवन साहू और प्रदीप साहू के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उनकी दादी 70 वर्षीय बिहासीन साहू की कथित तौर पर हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों के साथ मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, दोनों इस मामले में संदिग्ध हैं।
पिछले साल 13 नवंबर को महिला का जला हुआ शव पराली के ढेर में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाने की पुष्टि हुई।
बाद में पुलिस ने पूछताछ के लिए महिला के बेटे नेतराम साहू और पोते पवन साहू और प्रदीप साहू को थाने बुलाया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों को इस महीने 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक थाने में रखा गया। इस दौरान अपराध स्वीकार कराने के लिए पवन और प्रदीप के साथ मारपीट की गई।
परिजनों का आरोप है कि है कि 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को पीटा। 20 अगस्त की शाम पुलिस तीनों को बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़कर चली गई। इसके बाद वे घायल अवस्था में मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे, जहां पवन और प्रदीप को भर्ती किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान तीनों को परिवार के सदस्यों और वकील से मिलने नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस हत्या की जांच सही दिशा में करने के बजाय उन्हें प्रकरण में फंसाने का प्रयास कर रही है।
इस मामले में राजनांदगांव जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
राठौर ने कहा, ‘‘’तीनों हत्या के मामले में संदिग्ध हैं, इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। मामले की जांच जारी है। आगे भी पुलिस पूछताछ करेगी। हिरासत में मारपीट के आरोप की भी जांच की जा रही है।”
भाषा सं संजीव आशीष
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