दिल्ली दंगा: आरोपी को आरोपपत्र की प्रति दिए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह

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दिल्ली दंगा: आरोपी को आरोपपत्र की प्रति दिए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह

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  • Publish Date - November 6, 2020 / 01:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

नयी दिल्ली, छह नवम्बर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली दंगा मामले में एक आरोपी को आरोपपत्र की भौतिक प्रति दिए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर वह अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।

दिल्ली पुलिस ने याचिका दायर कर निचली अदालत के उस फैसले को चुनाती दी है, जिसमें उसे उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गत फरवरी में हुए दगों के मामले में आरोपी को ‘भारी-भरकम’ आरोपपत्र की प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया था।

इस मामले में बहस करने वाले अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल के उपस्थित नहीं होने के चलते न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने याचिका को 11 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

पुलिस ने निचली अदालत के 21 सितंबर और 21 अक्टूबर के आदेशों को रद्द करने का अनुरोध किया, जिसमें जांच एजेंसी को आरोपी व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ ही आरोपपत्र की भौतिक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। याचिका में उनकी दलीलें सुने बिना आदेश दिए जाने का दावा किया गया।

पुलिस ने अपनी याचिका में कहा कि पुलिस की रिपोर्ट ही करीब 2,700 पन्नों की है और दस्तावेजों और गवाहों के बयानों की कुल संख्या करीब 18,000 पन्ने हैं, जोकि निचली अदालत के समक्ष पेश किए गए थे।

याचिका के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को पैन ड्राइव के जरिए आरोपपत्र की ई-प्रति उपलब्ध कराई है।

भाषा शफीक उमा

उमा