दिल्ली एसआईआर: बेघरों, तृतीय लिंगियों और यौन कर्मियों के लिए दिल्ली में लगाये जायेंगे विशेष शिविर

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दिल्ली एसआईआर: बेघरों, तृतीय लिंगियों और यौन कर्मियों के लिए दिल्ली में लगाये जायेंगे विशेष शिविर

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 10:20 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) चुनाव अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपनी पहचान या पते का सबूत देने में संभवत: मुश्किलों से जूझ रहे बेघर नागरिकों, तृतीय लिंगियों और यौनकर्मियों की सहूलियत के लिए रैनबसेरों और दूसरी चिन्हित जगहों पर विशेष शिविर लगाये जायेंगे।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बयान के मुताबिक, ये शिविर 23 और 24 सितंबर को शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के सभी रैनबसेरों और राजधानी के 13 ज़िलों में ऐसी ही दूसरी जगहों पर लगाये जायेंगे।

इन समुदायों के साथ काम करने वाले एनजीओ के सहयोग से तृतीय लिंगी लोगों और यौनकर्मियों तक पहुंचने के लिए अलग से कोशिशें की जायेंगी। शिविर के दौरान निर्धारित स्थलों पर ‘बूथ स्तरीय अधिकारी’ (बीएलओ) तैनात किए जायेंगे।

यह कदम दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में तृतीय लिंगी मतदाताओं की संख्या में 64.55 प्रतिशत की गिरावट के बाद उठाया जा रहा है। दिल्ली में 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए इस्तेमाल की गई मतदाता सूची में इनकी संख्या 1,261 थी, जो 31 अगस्त को जारी मसौदे में घटकर 447 रह गई है।

तृतीय लिंगी लोगों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने पहले भी जानकारी अद्यतन करने की प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाया है। इनमें पहचान से जुड़े दस्तावेजों में नाम अलग-अलग होना, स्थायी पते का सबूत देने में मुश्किल और परिवार के अलग हो चुके सदस्यों के पास मौजूद दस्तावेजों तक पहुंच न होना जैसी समस्याएं शामिल हैं।

बीएलओ का कहना है कि बेघर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करना भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि गिनती की प्रक्रिया काफी हद तक पते और दस्तावेजों पर निर्भर करती है।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव