एनटीए को भंग करने की राज्यसभा में उठी मांग

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एनटीए को भंग करने की राज्यसभा में उठी मांग

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 09:05 PM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 09:05 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को विपक्ष के कई सदस्यों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि यह नीट सहित विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करने में नाकाम रही है।

राज्यसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कई सदस्यों ने परीक्षा सुधारों की जरूरत पर बल दिया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्य मनोज कुमार झा, समाजवादी पार्टी (सपा) के राम गोपाल यादव सहित कई सदस्यों ने एनटीए को भंग करने की मांग की।

सपा सदस्य यादव ने कहा कि एनटीए में कुल 39 स्वीकृत पद हैं और उनमें से 15 खाली हैं। उन्होंने कहा कि 73 कर्मचारी संविदा पर हैं और 124 आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे हैं।

यादव ने कहा कि एनटीए के अस्थायी कर्मियों में ज़्यादा ज़िम्मेदारी का एहसास नहीं है। उन्होंने केंद्र को सुझाव दिया कि वह राज्यों को पहले की तरह मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे।

विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सदस्य महुआ माजी ने कहा कि अगर सज़ा और जुर्माना बढ़ाने से अपराध रुक सकते, तो इस दुनिया में कोई अपराध नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार को सजा बढ़ाने के बजाय मौजूदा तंत्र में सुधार लाने पर ध्यान देना चाहिए।

कांग्रेस सदस्य मुकुल वासनिक ने कहा कि सरकार केवल सज़ा की बात कर रही है, लेकिन विधेयक में प्रश्न पत्र लीक को रोकने का कोई ज़िक्र नहीं है। देश के कई त्वरित अदालतों में पहले से ही लंबित मामलों की संख्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस बात की बहुत कम उम्मीद है कि इस विधेयक के प्रावधानों से प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

भाषा अविनाश सुभाष

सुभाष

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