कम आय वाले यात्रियों के लिए अमृत भारत ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग

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कम आय वाले यात्रियों के लिए अमृत भारत ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 08:22 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 08:22 PM IST

(जीवन प्रकाश शर्मा)

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) देश भर के कई यात्री संगठनों ने कम आय वाले लाखों यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए अमृत भारत ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 30 दिसंबर, 2023 को शुरू की गई अमृत भारत ट्रेन गैर-वातानुकूलित है जिसमें केवल स्लीपर और द्वितीय श्रेणी के डिब्बे हैं। इस ट्रेन में यात्रियों को बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ कई सुविधाएं मिलती हैं।

यात्री समूहों ने बताया कि 30 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों में से केवल एक जोड़ी प्रतिदिन चलती है। शेष 29 जोड़ियों में से 22 साप्ताहिक, चार सप्ताह में दो बार और तीन सप्ताह में तीन बार चलती हैं।

उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें कम आय वाले यात्रियों के लिए सबसे किफायती और सुविधाजनक विकल्पों में से एक हैं, लेकिन सीमित फेरों के कारण इनकी पहुंच सीमित हो जाती है।

कोयंबटूर जिला रेलवे यात्री कल्याण संघ के एम जमील अहमद ने कहा, ‘‘राजेंद्रनगर (पटना) और नयी दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन प्रतिदिन चलती है। बाकी ट्रेनें साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक या त्रिसाप्ताहिक हैं,”

अहमद 11 मार्च को पोदानूर (कोयंबटूर) में पोदानूर-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिशुभारंभ समारोह में उपस्थित थे, ने बताया कि यह ट्रेन पोदानूर से हर शनिवार को चलती है और इसकी काफी मांग है।

उन्होंने शिकायत की, “आप प्रतीक्षा सूची देख सकते हैं, जिसमें अक्सर प्रस्थान से पहले 120 से अधिक बुकिंग हो जाती हैं। संपन्न यात्रियों के लिए वंदे भारत ट्रेनें प्रतिदिन चलती हैं, जबकि कम आय वर्ग के लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली अमृत भारत ट्रेनें साप्ताहिक रूप से चलाई जाती हैं।”

नागपुर स्थित यात्री समूह भारतीय यात्री केंद्र के सचिव बसंत कुमार शुक्ला ने कहा कि सभी अमृत भारत ट्रेनें अधिक मांग वाले मार्गों पर चलती हैं।

शुक्ला ने कहा, “24 अप्रैल, 2025 को शुरू हुई लोकमान्य तिलक (टी)-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस में टिकट बुक कराने की कोशिश करने वाले यात्रियों को अक्सर प्रतीक्षा टिकट भी नहीं मिल पाता, और यही हाल कई अन्य ट्रेनों का भी है।”

उन्होंने सभी अमृत भारत ट्रेनों को प्रतिदिन चलाने की भी मांग की।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मांग, मार्गों की उपलब्धता और परिचालन की व्यवहार्यता के आधार पर इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं।

भाषा अविनाश माधव

माधव