कन्नूर (केरल), 13 अप्रैल (भाषा) अंजराकांडी में कन्नूर दंत चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र की मौत के संबंध में साइबर पुलिस ने ऋण ‘ऐप’ के अज्ञात संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
महाविद्यालय के एक सहायक प्राध्यापक की शिकायत के आधार पर कन्नूर साइबर पुलिस ने रविवार रात मामला दर्ज किया।
पुलिस के मुताबिक, बीडीएस प्रथम वर्ष के छात्र नितिन राज आर. एल. (22) ने एक ऑनलाइन ऐप के जरिए ऋण लिया था। लेकिन, ऋण चुकाने में चूक करने के बाद ऐप संचालकों ने कथित तौर पर सहायक प्राध्यापक से संपर्क करना शुरू कर दिया।
प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों ने एमएमएस और व्हाट्सएप के जरिए संकाय की महिला सदस्य से संपर्क किया और उन्हें पैसे वापस करने को लेकर धमकी दी। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि उन्होंने महिला से कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे लेने की कोशिश की।
तिरुवनंतपुरम जिले के पुथुकुलांगरा के उझलक्कल निवासी राज 10 अप्रैल की दोपहर एक इमारत से गिरने के बाद मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाके के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजन ने आरोप लगाया है कि संकाय के दो सदस्यों द्वारा राज का उत्पीड़न किया गया था, जिसके बाद ‘डेंटल एनाटॉमी’ विभाग के प्रमुख एम. के. राम और एसोसिएट प्रोफेसर के. टी. संगीता नाम्बियार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज की मौत की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पहलू पर भी ध्यान दे रही है कि क्या उसकी आत्महत्या का संबंध ऋण ‘ऐप’ के ‘संचालकों’ की धमकियों से है या नहीं।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 308(3) (जबरन वसूली) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66डी (कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि ऐप के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए राज के मोबाइल फोन की जांच की जाएगी और धमकी भरे संदेश तथा कॉल प्राप्त करने वाले सहायक प्राध्यापक के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने राज के फोन से चैट के विवरण बरामद किए हैं, जिससे पता चला है कि उसने राशि चुकाने के लिए और समय मांगा था।
पुलिस के मुताबिक, राज ने 14,000 रुपये का कर्ज लिया था और ऋण देने वाले ‘ऐप’ के संचालकों ने उससे 8,000 रुपये की तत्काल वापसी की मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने बताया कि राज का परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था, इसलिए उसने बकाया चुकाने के लिए कुछ हफ्तों का समय मांगा था।
भाषा यासिर मनीषा
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