जम्मू, 29 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र में रहने वाले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के नौ निवासियों को निर्वासन का नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी ले लिया है, जबकि सभी ने खुद को जम्मू-कश्मीर का निवासी बताते हुए सभी आवश्यक दस्तावेज होने का दावा किया है।
नोटिस प्राप्त करने वालो में कांस्टेबल इफ्तिखार अली भी शामिल हैं, जो पिछले 27 वर्षों से जम्मू-कश्मीर पुलिस में सेवा दे रहे हैं और फिलहाल माता वैष्णो देवी मंदिर के कटरा बेस कैंप में तैनात हैं।
नोटिस के अनुसार, सभी को 30 अप्रैल तक पाकिस्तान लौटने को कहा गया है।
हालांकि, प्रभावित परिवारों ने कहा है कि वे 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद से सलवा गांव में रह रहे हैं और उनके पास भूमि रिकॉर्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड जैसे सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
मेंढर निवासी सफीद चौधरी ने कहा, ‘पाकिस्तानियों को निष्कासित करना समझा जा सकता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से रह रहे परिवारों के साथ यह गंभीर अन्याय है।’
इफ्तिखार अली ने रोते हुए कहा, ‘हम कहां जाएंगे? पीओके में हमारा कोई नहीं है। मेरे पूर्वजों की कब्रें भारत में हैं। मैंने पुलिस में 27 साल सेवा दी है।’
उन्हें मेंढर से लाकर जम्मू के बेलीचरण थाने में हिरासत में रखा गया है। अली ने बताया कि उन्होंने निष्कासन आदेश के खिलाफ अदालत का रुख किया था और उन्हें स्थगन आदेश मिला है।
उन्होंने कहा, ‘अगर अदालत से स्थगन आदेश नहीं मिलता, तो मुझे पाकिस्तान भेज दिया जाता, जहां मेरा कोई नहीं है।’
भाषा राखी जोहेब
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