धामी ने चारधाम दर्शन व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के लिए एसओपी बनाने के निर्देश दिये

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धामी ने चारधाम दर्शन व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के लिए एसओपी बनाने के निर्देश दिये

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 08:43 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 08:43 PM IST

देहरादून, दो जून (भाषा) चारधाम यात्रा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनज़र उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अधिकारियों को दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए।

उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में चारधाम यात्रा के शुरूआती 44 दिनों में ही रिकॉर्ड 29.85 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए आ चुके हैं जो पिछले वर्ष की इस अवधि की तुलना में तीन लाख से भी अधिक है।

पिछले साल शुरूआती 44 दिनों में यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 26.34 लाख था ।

चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर यहां एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए क्योंकि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चारों धामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने के लिए विस्तृत एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए ।

इस संबंध में उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए रात्रि 10 बजे से सुबह चार बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम में निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे ‘होल्डिंग एरिया’ एवं प्रमुख ‘चेक प्वाइंट्स’ पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए तथा चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए । उन्होंने ‘होल्डिंग एरिया’ में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, भोजन, पेयजल तथा अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्हें रोके जाने के कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी भी देने को कहा ।

चारधाम यात्रा के आगामी चरण को और अधिक चुनौतीपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे, ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं अन्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों से गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए ।

भाषा दीप्ति

राजकुमार

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