धनबाद खदान हादसा: एनडीआरएफ और बीसीसीएल ने बचाव अभियान शुरू किया

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धनबाद खदान हादसा: एनडीआरएफ और बीसीसीएल ने बचाव अभियान शुरू किया

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  • Publish Date - July 25, 2025 / 03:46 PM IST,
    Updated On - July 25, 2025 / 03:46 PM IST

धनबाद, 25 जुलाई (भाषा) झारखंड के धनबाद में एक बंद पड़ी कोयला खदान में अवैध खनन के दौरान कथित रूप से फंसे खनिकों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की एक संयुक्त टीम ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बृहस्पतिवार देर शाम खनिकों की तलाश के असफल प्रयास के बाद, एनडीआरएफ के 35 सदस्यीय दल और बीसीसीएल खदान बचाव शाखा के 15 सदस्यीय दल ने पूर्वाह्न लगभग 11 बजकर 30 मिनट पर अभियान शुरू किया।

इस बीच, बाघमारा में बीसीसीएल की ब्लॉक-2 की बंद पड़ी भूमिगत खदान के कथित रूप से ढहने की घटना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई नेताओं ने इस घटना में अनेक लोगों की मौत होने का दावा किया है।

गिरिडीह के सांसद सी. पी. चौधरी द्वारा घटनास्थल पर तत्काल बचाव अभियान शुरू किये जाने की मांग को लेकर बाघमारा थाने पर धरना दिए जाने के बाद बुधवार को एनडीआरएफ को तैनात किया गया।

बाघमारा थाने के प्रभारी अजीत कुमार ने कहा, ‘‘सांसद ने तीन जगहों को चिह्नित किया है जहां लोग संदिग्ध रूप से फंसे हो सकते हैं। इनमें से एक जगह पर बचाव अभियान शुरू हो गया है और जल्द ही अन्य जगहों पर भी अभियान चलाया जायेगा।’’

यह घटना 22 जुलाई की शाम को तब हुई, जब ब्लॉक 2 में भूमिगत बंद खदान की छत ढह गई, जिसमें कई श्रमिक कथित तौर पर फंस गये थे।

एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि जेसीबी मशीनों समेत आवश्यक संसाधनों के अभाव में बचाव अभियान की गति धीमी है।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने घटना में कम से कम 15 लोगों मौत को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर लीपापोती का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था और कहा था कि यह ‘सबूत नष्ट करने के लिए लोगों को जानबूझकर ताजी मिट्टी के नीचे दफनाने’ का मामला है।

चौधरी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि इस घटना में कम से कम नौ श्रमिकों की जान चली गई।

आरोपों के बावजूद धनबाद जिला प्रशासन, बीसीसीएल और पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया था कि अब तक ऐसी किसी घटना के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

भाषा देवेंद्र नोमान

नोमान