Samrat Vikramaditya Varanasi / Image Source : X
उज्जैन : Samrat Vikramaditya Varanasi धर्मनगरी काशी और उज्जैन के बीच सांस्कृतिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और उनके न्यायप्रिय शासन पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक मंचन का आयोजन किया जाएगा। इस गौरवशाली अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल भारतीय शौर्य के प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य को नमन है, बल्कि वर्ष 2028 में उज्जैन की पावन धरा पर होने वाले ‘भव्य-दिव्य’ आयोजन की पूर्व तैयारी का भी एक सशक्त हिस्सा है।
वाराणसी में होने वाला यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महोत्सव कई मायनों में अनूठा और तकनीकी रूप से उन्नत होगा। CM Mohan Yadav Kashi Visit मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बाबा विश्वनाथ को ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ अर्पित की जाएगी। यह घड़ी भारतीय वैज्ञानिक काल-गणना और हमारी प्राचीन समृद्ध परंपरा का जीवंत प्रतीक है। मात्र 45 मिनट के इस विशेष नाटक में 175 से अधिक कलाकार अपनी सहभागिता देंगे।
इस मंचन में आधुनिक लाइट-साउंड सिस्टम और लाइव विजुअल इफेक्ट्स का उपयोग कर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य को पर्दे पर उतारा जाएगा। नाटक के माध्यम से महाकवि कालिदास और खगोलशास्त्री वराहमिहिर जैसे नवरत्नों के योगदान की झलक भी देखने को मिलेगी, जो उस दौर के बौद्धिक उत्कर्ष को दर्शाएगी। वर्ष 2007 से शुरू हुई यह नाट्य यात्रा अब एक वैश्विक मंच बन चुकी है। इस पूरे अभियान के तहत 41 से अधिक सांस्कृतिक गतिविधियों में 4 हजार से ज्यादा कलाकार भाग ले रहे हैं, जो विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ भारतीय ज्ञान और संस्कृति के विजय का संदेश दे रहे हैं।
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