चेन्नई, 22 मार्च (भाषा) आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नेता कोवई सत्या ने रविवार को आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने अपने गठबंधन सहयोगियों पर दबाव डालकर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के परिवार के हितों को जन कल्याण से ऊपर रखवाया है।
सत्या ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा,‘‘ द्रमुक गठबंधन की पार्टियां अब शिकायत कर रही हैं कि उन्हें अपनी पहचान एवं प्रासंगिकता की बलि देकर लोगों के बजाय स्टालिन और उनके परिवार के लिए एवं केवल इसी परिवार के भविष्य के लिए ही काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।’’
उन्होंने सहयोगी दलों के बीच साझा राजनीतिक आधार की बात को भी खारिज करते हुए कहा कि वैचारिक रूप से एकमत होना एक ढोंग और झूठ है।
अन्नाद्रमुक प्रवक्ता ने संकेत दिया कि आंतरिक कलह उस मोड़ पर पहुंच गई है जहां कई सहयोगी दल गठबंधन से बाहर निकलने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि गठबंधन की पार्टियां अब अलग होने का फैसला करने लगी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी गठबंधन छोड़ने वाली अगली पार्टी होगी।’’
सत्या की ये टिप्पणियां तमिलनाडु में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर व्यापक तनाव की खबरों के बीच आई हैं जहां वीसीके और वामपंथी दलों जैसे सहयोगी दलों ने 2026 के चुनावी परिदृश्य में अधिक प्रमुख भूमिका की मांग की है।
भाषा राजकुमार नरेश
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