नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) द्रमुक को बुधवार को लोकसभा में अपनी पूर्व सहयोगी कांग्रेस से अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
दोनों दलों में हाल में तब दूरी बढ़ गई थी जब द्रमुक की सहयोगी रही कांग्रेस तमिलनाडु में टीवीके नीत सरकार का हिस्सा बन गई।
पिछले महीने, द्रमुक ने लोकसभा में अपने सांसदों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी। इसने कहा था कि कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन समाप्त हो गया है और उसके सदस्यों का कांग्रेस के सदस्यों के साथ बैठना उचित नहीं होगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि द्रमुक को लोकसभा सचिवालय द्वारा लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी दे दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, द्रमुक के सांसदों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
द्रमुक नेता कनिमोई करुणानिधि ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा था कि बदले राजनीतिक हालात के मद्देनजर उनकी पार्टी के सांसदों के लिए कांग्रेस सांसदों से अलग बैठने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
इसके साथ ही, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के 8 जून को यहां होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल होने की भी संभावना नहीं है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में केवल पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस ने सरकार गठन में टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे उसका पुरानी सहयोगी द्रमुक के साथ गठबंधन समाप्त हो गया। अब कांग्रेस टीवीके सरकार का हिस्सा है।
कांग्रेस ने द्रमुक के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के तहत विधानसभा चुनाव लड़ा था।
कांग्रेस के इस कदम को द्रमुक के वरिष्ठ नेताओं ने ‘‘पीठ में छुरा घोंपने’’ वाला और ‘‘विश्वासघात’’ करार दिया।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश