नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत की तीन दिवसीय यात्रा पांच जून से

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नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत की तीन दिवसीय यात्रा पांच जून से

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 07:56 PM IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, चार जून (भाषा) नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल पांच से सात जून तक भारत की यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर खनाल शुक्रवार से भारत की यात्रा पर जा रहे हैं। नेपाल सरकार ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।

खनाल की भारत यात्रा नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा संसद में की गई टिप्पणियों से उपजे विवाद के बीच होगी। बालेंद्र शाह ने 31 मई को कहा था कि भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर चर्चा के अलावा, काठमांडू चीन और ब्रिटेन के साथ भी संपर्क में है।

हालांकि, भारत ने नेपाल के साथ अपने सीमा विवाद को सुलझाने में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

खनाल की भारत यात्रा की तारीख घोषित करते हुए नेपाली सरकार ने कहा कि वह नयी दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ औपचारिक बैठक करेंगे।

नेपाल सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, संपर्क, ऊर्जा और जन-संबंधों सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से पारस्परिक हित के मामलों पर चर्चा करेंगे।’’

नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उच्च स्तरीय दौरों के नियमित आदान-प्रदान के तहत, यह दौरा नेपाल और भारत के बीच स्थायी और बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मार्च में सत्ता संभाली थी और उनके सरकार के किसी मंत्री की यह भारत की पहली यात्रा होगी।

नेपाल के नेताओं ने परंपरागत रूप से भारत के साथ करीबी संबंध को महत्व दिया है, जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और जन-संबंधों को दर्शाता है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने नयी दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

मोदी ने बुधवार को लामिछाने से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं साझा और समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की उनकी इच्छा का स्वागत करता हूं और उससे पूरी तरह सहमत हूं। नेपाल हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत एक प्राथमिकता वाला साझेदार है और हम दोनों देशों के बीच विशेष तथा बहुआयामी संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए नयी सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।’’

भाषा धीरज रंजन

रंजन