‘माझे घर’ योजना प्रवासी नहीं, गोवा के मूल निवासियों के लिए है : प्रमोद सावंत

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‘माझे घर’ योजना प्रवासी नहीं, गोवा के मूल निवासियों के लिए है : प्रमोद सावंत

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 07:57 PM IST

पणजी, चार जून (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार की ‘माझे घर’ योजना को लेकर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इसका उद्देश्य ‘‘प्रवासियों’’ के मकानों को नियमित करना है, जबकि यह पहल केवल ‘गोवा के मूल वासियों’ के घरों को नियमित करने के लिए शुरू की गई है।

सावंत ने मडगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना के तहत स्वामित्व प्रमाणपत्र वितरित करने के दौरान कहा कि यह योजना केवल गोवा के मूल वासियों के पुश्तैनी घरों को नियमित बनाने के लिए है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब भी भ्रम फैलाया जा रहा है। कल एक पत्रकार ने मुझसे पूछा था कि क्या यह योजना प्रवासियों के मकानों को नियमित करने के लिए है? यह योजना वर्ष 1972 से पहले बने पुश्तैनी घरों को नियमित करती है। ये मूल गोवा वासी हैं, जो लंबे समय से गोवा में रह रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को अपने घर खोने का डर सता रहा था क्योंकि दस्तावेजी खामियों के कारण उनका घर ‘अनियमित’ था, ‘अवैध नहीं’।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग अपनी ही जमीन पर बने घरों के ध्वस्तीकरण की आशंका से भयभीत थे। यह योजना उन्हें उस डर से राहत प्रदान करती है।’’

इस कार्यक्रम में राज्य के लोक निर्माण मंत्री दिगंबर कामत, जल संसाधन मंत्री सुभाष शिरोडकर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि ‘माझे घर’ योजना की शुरुआत पिछले वर्ष अक्टूबर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। इस योजना का उद्देश्य सरकारी या सामुदायिक जमीन पर बने घरों में रहने वाले गोवा वासियों को स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है।

भाषा रवि कांत नरेश

नरेश