चेन्नई, 10 फरवरी (भाषा) भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) की महिला मोर्चा की अध्यक्ष वानती श्रीनिवासन ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं में कथित देरी को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर मंगलवार को निशाना साधते हुए कहा कि राज्य स्तर की देरी के कारण विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कोयंबटूर दक्षिण से विधायक श्रीनिवासन ने भूमि अधिग्रहण में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को योजनाओं का तेजी से लाभ मिलना चाहिए।
उनकी यह प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री एम के स्टालिन द्वारा कुछ दिन पहले लगाए गए इस आरोप के बाद आई है कि केंद्र ने केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को उसके हिस्से की रेलवे परियोजनाएं नहीं दीं और बाद में देरी के लिए राज्य सरकार पर ही दोष मढ़ दिया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्रीनिवासन ने कहा, “2014 से केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं के लिए 7,611 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बावजूद द्रमुक सरकार की धीमी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के कारण प्रगति रुकी हुई है।”
उन्होंने कहा कि आवश्यक 4,326 हेक्टेयर भूमि में से अब तक केवल 1,052 हेक्टेयर का ही अधिग्रहण किया जा सका है। उन्होंने कहा, “राज्य स्तर की देरी के कारण विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए। योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन होना चाहिए।”
राज्य सरकार पर रेलवे परियोजनाओं के मामले में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए श्रीनिवासन ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए तमिलनाडु की रेलवे परियोजनाओं के लिए किया गया आवंटन 2014 की तुलना में 8.5 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में जारी रेलवे परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु सरकार अब तक केवल 24 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण कर पाई है और 4,326 हेक्टेयर की आवश्यकता के मुकाबले केवल 1,052 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध कराई गई है।
श्रीनिवासन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए केंद्र ने तमिलनाडु सरकार को 1,465 करोड़ रुपये जारी किए थे और रेलवे परियोजनाओं के अमल में देरी का कारण यह है कि राज्य सरकार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण नहीं कर सकी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।
भाषा
मनीषा सिम्मी
सिम्मी