मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ टिप्पणी मामले में द्रमुक विधायक मार्कंडेयन जमानत पर रिहा

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मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ टिप्पणी मामले में द्रमुक विधायक मार्कंडेयन जमानत पर रिहा

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 10:20 PM IST

तिरुनेलवेली (तमिलनाडु), चार अगस्त (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) विधायक जी वी मार्कंडेयन ने राज्य सरकार पर ‘तानाशाही वाली मानसिकता’ के साथ काम करने और ‘लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया। जमानत पर मंगलवार को रिहा होने के बाद उन्होंने यह बात कही।

विलाथिकुलम के विधायक मार्कंडेयन ने कहा कि जेल जाना द्रमुक के लिए कोई नया अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिल एकता की रक्षा के लिए हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को जेल जाना पड़ा था और पार्टी के मौजूदा नेता भी किसानों के अधिकारों के आंदोलन के दौरान एक साल जेल में रहे थे।

मार्कंडेयन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘जेल की सलाखें हमें तोड़ नहीं सकतीं, हम मजबूती से खड़े रहेंगे।’ उन्होंने कहा कि पार्टी अपने विचारों को दबाए जाने के बजाय ‘हजार जेलों’ का सामना करने के लिए तैयार है।

मार्कंडेयन ने कहा कि जेल में रहते हुए उन्होंने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पढ़ा। उन्होंने कहा, ‘इसके बावजूद कल विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। उन्हें लगता है कि इस तरह हमें पीटकर और दबाकर हम विधानसभा में नहीं बोलेंगे। इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे…।’

मार्कंडेयन को 20 जुलाई को तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा (डीसीबी) पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

यह गिरफ्तारी टीवीके के एक पदाधिकारी की शिकायत के आधार पर हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 18 जुलाई को कोविलपट्टी में द्रमुक की एक जनसभा के दौरान मार्कंडेयन ने मानहानिकारक और धमकी भरी टिप्पणियां कीं। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि द्रमुक विधायक विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की ‘हड्डियां तोड़ देंगे।’

तूतीकोरिन की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत द्वारा उनकी शुरुआती जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने तीन अगस्त को मार्कंडेयन को सशर्त जमानत दी थी।

पलायमकोट्टई केंद्रीय जेल से रिहा होने के बाद विधायक ने अपनी स्थिति की तुलना ऐतिहासिक संघर्षों से की और उन प्रमुख नेताओं का उल्लेख किया, जिन्होंने जेल की सजा झेली थी।

भाषा अमित रमण

रमण