बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालतों में नहीं ले जाएं, उन्हें बीएसएफ को सौंपें: शुभेंदु

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बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालतों में नहीं ले जाएं, उन्हें बीएसएफ को सौंपें: शुभेंदु

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 09:48 PM IST

कोलकाता, 21 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया जाएगा। ऐसा राज्य में एक दिन पहले लागू नियम के तहत किया जाएगा।

शुभेंदु ने हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में पुलिस आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, “कल से नया नियम लागू हो गया है, जिसके तहत घुसपैठियों को अदालतों में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा।”

बुधवार को मुख्यमंत्री ने एक ऐसी व्यवस्था लागू करने की घोषणा की जिसके तहत राज्य पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए घुसपैठियों को निर्वासन के लिए सीधे सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया जाएगा।

उन्होंने इसे व्यापक ‘पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो’ ढांचे का हिस्सा बताया।

मुख्यमंत्री ने उस अधिनियम का नाम नहीं बताया जिसके दायरे में बंगाल की नव निर्वाचित भाजपा सरकार ने घुसपैठियों पर मुकदमा चलाने के लिए यह नीतिगत बदलाव किया है।

हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि शुभेंदु पिछले वर्ष अप्रैल में संसद द्वारा पारित आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 का जिक्र कर रहे थे, जिसका उद्देश्य भारत में आव्रजन, पंजीकरण, निगरानी, ​​हिरासत और निर्वासन के लिए एक आधुनिक, तकनीक-आधारित प्रणाली प्रदान करना है।

उन्होंने कहा, ‘पुलिस आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि बांग्लादेश से कोई अवैध प्रवासी, जो संशोधित नगरिकता कानून (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने का हकदार नहीं है, हावड़ा थाने में हिरासत में लिया जाता है, तो उसे अदालत में नहीं भेजा जाना चाहिए। संबंधित व्यक्ति को उचित भोजन कराया जाना चाहिए और फिर सीधे बोंगांव के पेट्रापोल सीमा पर या उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट स्थित सीमा चौकी पर बीएसएफ कर्मियों के पास ले जाया जाना चाहिए।’

शुभेंदु ने यह भी कहा कि ऐसे बंदियों की संख्या पर साप्ताहिक रिपोर्ट डीजीपी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को प्रस्तुत करनी होगी।

मुख्यमंत्री को हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने हुगली नदी के दूसरे किनारे पर स्थित हावड़ा शहर से संबंधित नागरिक अवसंरचना और विकास संबंधी मुद्दों की समीक्षा की।

शुभेंदु ने कहा कि उन्हें इस वर्ष दिसंबर तक हावड़ा और उससे सटे बाली नगर निकायों के वार्ड के परिसीमन का काम पूरा होने की उम्मीद है। इन दोनों शहरी निकायों में लंबे समय से नगर निकाय चुनाव लंबित हैं।

उन्होंने कहा, “हावड़ा नगर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की योजना के तहत हमने इस वर्ष के अंत तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने और उसके बाद शहर की जिम्मेदारी निर्वाचित नगर निकाय बोर्ड को सौंपने का फैसला किया है।”

अधिकारी ने कहा कि अगले तीन महीनों की अल्पकालिक योजना के तहत प्रशासन स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति, कचरा सफाई, जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत तथा पार्क, स्वास्थ्य सुविधाओं और शैक्षणिक संस्थानों जैसी नागरिक सुविधाओं के उन्नयन पर ध्यान देगा।

उन्होंने बताया कि नागरिक अवसंरचना में सुधार के लिए योजना बनाने और उसे लागू करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति गठित की गई है, जिसमें रेलवे और नगर निकाय के अधिकारी सदस्य होंगे।

उन्होंने कहा कि समिति की गतिविधियों की निगरानी नगर मामलों के सचिव खलील अहमद करेंगे।

शुभेंदु ने कहा, “हमने हावड़ा में अवैध निर्माणों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है और बिल्डरों के एक वर्ग द्वारा कथित भ्रष्टाचार की जांच शुरू की जाएगी। जिन जलाशयों को पाट दिया गया है, उनके स्थान पर प्रशासन वैकल्पिक जल निकाय विकसित करेगा।”

मुख्यमंत्री ने संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग का भी उल्लेख किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति बिस्वजीत बसु कर रहे हैं। आयोग के सदस्य सचिव वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के जयरामन हैं। इस पैनल को ‘कट मनी’ घोटाले समेत भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है और यह एक जून से आधिकारिक रूप से काम शुरू करेगा।

उन्होंने कहा, “आयोग तेजी से कार्रवाई करेगा। यह साक्ष्य जुटाएगा और जनसुनवाई करेगा, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज होगी, गिरफ्तारियां की जाएंगी और आगे दंडात्मक कार्रवाई होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि गबन की गई राशि दोषियों से वसूल की जाएगी।

शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने हावड़ा शहर पुलिस को राजनीतिक हिंसा, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों और खासकर महिलाओं के खिलाफ अपराधों में नयी प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता करने से पहले मुख्यमंत्री को हावड़ा के जिलाधिकारी कार्यालय में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

भाषा

राखी संतोष

संतोष