मादक पदार्थ मामला: सिद्धरमैया ने बिना किसी राजनीतिक मकसद के निष्पक्ष जांच की मांग की

मादक पदार्थ मामला: सिद्धरमैया ने बिना किसी राजनीतिक मकसद के निष्पक्ष जांच की मांग की

मादक पदार्थ मामला: सिद्धरमैया ने बिना किसी राजनीतिक मकसद के निष्पक्ष जांच की मांग की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: September 13, 2020 1:35 pm IST

बेंगलुरु, 13 सितम्बर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मादक पदार्थ बिक्री और दुरुपयोग में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की रविवार को मांग करते हुए कहा कि इस मामले की जांच ‘‘निष्पक्ष’’ और बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के होनी चाहिए।

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘कोई भी जांच निष्पक्ष और बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के होनी चाहिए। मादक पदार्थ पूरे समाज के लिए एक खतरा है और यह पिछले कुछ वर्षों से चल रहा था और इस पर अब रोक लगनी चाहिए।’’

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि जो भी इसमें संलिप्त है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और यह बिना किसी राजनीतिक द्वेष के होनी चाहिए।

कांग्रेस विधायक जमीर अहमद खान का नाम मामले से कथित तौर जोड़े जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा कि केवल इसलिए कि किसी को ऐसे व्यक्ति के साथ देखा गया है जो एक मामले में शामिल है, उसपर अपराधी का ठप्पा नहीं लगाया जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थ रैकेट में जमीर की संलिप्तता के क्या सबूत हैं? ऐसा राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए। किसी का नाम उसे बदनाम करने के लिए बिना वजह नहीं घसीटा जाना चाहिए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं जमीर से सवाल किये थे, जब उनका नाम इस मामले से जुड़ा था और विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका कोई संबंध नहीं है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।

जमीर खान ने मामले में अपनी संलिप्तता या कोई संबंध होने से शुक्रवार को इनकार करते हुए कहा था कि एक मुस्लिम होने के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और वह उद्यमी पी समबारगी के खिलाफ मानहानि का एक वाद दायर करेंगे जिन्होंने उनपर इस मामले में कथित तौर पर संलिप्त व्यक्तियों के साथ संबंध होने के आरोप लगाये हैं।

सरकार के मादक पदार्थ मामले का इस्तेमाल अपनी विफलताओं को ‘‘छुपाने’’ के लिए करने के उनके आरोपों पर सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘इसे अधिक प्रचार मिल रहा है, मैं यह नहीं कह रहा कि प्रचार नहीं मिलना चाहिए लेकिन अन्य सभी चीजों को दरकिनार करके, इसे अधिक महत्व मिल रहा है।’’

भाषा.. अमित दिलीप

दिलीप


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