देहरादून, छह जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भाजपा के महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को क्लीन चिट देते हुए कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या के समय वह उत्तराखंड में नहीं थे।
इससे पहले, पार्टी मामलों के प्रदेश प्रभारी गौतम ने पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून के डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
गौतम ने डालनवाला थाने के साथ ही अपना शिकायती पत्र देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को भी सौंपा ।
अपनी शिकायत में गौतम ने राठौड़ और सनावर पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर उनके विरूद्ध गहरी साजिश करने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, धामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस प्रकरण में केवल एक ऑडियो में बोले गए नाम को लेकर पूरे प्रदेश का माहौल खराब करने का षडयंत्र रचा गया जबकि गौतम 10 से 20 सितंबर 2022 के दौरान प्रदेश में आए ही नहीं थे ।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में हुई प्रेस वार्ता में हमारे प्रभारी जी (गौतम) का नाम लिया गया। पुलिस ने भी सत्यापित कर लिया कि 10 सितंबर से लेकर 20 सितंबर तक उनका उत्तराखंड में आना ही नहीं हुआ।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौतम के सोशल मीडिया तथा फेसबुक पर भी उनका इस संबंध में पूरा रिकॉर्ड है ।
गौरतलब है कि सनावर द्वारा हाल में सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो और अपनी और राठौड़ की कथित बातचीत के ऑडियो में आरोप लगाया गया है कि अंकिता हत्याकांड में ‘वीआईपी’ भाजपा नेता गटटू है ।
एक अन्य वीडियो में सनावर ने गटटू की पहचान भी उजागर कर दी जिससे प्रदेश में सियासी तूफान आ गया।
कांग्रेस सहित विपक्षी राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन प्रदेश भर में ‘वीआईपी’ के खुलासे के लिए हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
भाषा दीप्ति नोमान
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