ईडी ने पीडीएस अनाज की कालाबाजारी करने के मामले में नासिक में तीन लोगों को किया गिरफ्तार

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ईडी ने पीडीएस अनाज की कालाबाजारी करने के मामले में नासिक में तीन लोगों को किया गिरफ्तार

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  • Publish Date - February 19, 2021 / 11:52 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:12 PM IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत बांटे जाने के लिए जारी किये गये 177 करोड़ रुपये मूल्य के अनाज की कथित कालाबाजारी करने से जुड़े धन शोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

केंद्रीय एजेंसी ईडी ने एक बयान में कहा कि उसने 17 फरवरी को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत संपत नामदेव घोरपड़े, अरूण नामदेव घोरपड़े और विश्वास नामदेव घोरपड़े को गिरफ्तार किया।

इन तीनों को एक विशेष अदालत ने आठ दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। उन्हें 18 फरवरी को अदालत में पेश किया गया था।

ईडी का मामला नासिक पुलिस की एक प्राथमिकी और उसके बाद महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत दाखिल किये गये एक आरोपपत्र पर आधारित है।

इडी ने कहा है, ‘‘तीनों आरोपियों ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बना कर पीडीएस से अवैध लाभ अर्जित किया और फिर नासिक में सरकारी योजना के तहत बांटे जाने वाले अनाज की कालाबाजारी की। ’’

ईडी ने आरोप लगाया, ‘‘जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी व्यक्ति गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे। ’’

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि अवैध गतिविधियों के जरिए 177 करोड़ रुपये के अनाज की कालाबाजारी की गई। ये अनाज अंत्योदय योजना, आंगनवाड़ी, पीडीएस आदि के तहत समाज के गरीब तबके के लोगों के लिए थे।

ईडी ने कहा कि संपत इस आपराधिक गिरोह का सरगना था।

भाषा सुभाष उमा

उमा