नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) संघीय जांच एजेंसी ने अदालत में आत्मसमर्पण के बाद दो सनदी लेखाकारों (सीए) को गिरफ्तार किया। इनमें से एक सीए पर वर्ष 2024 में तलाशी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले का आरोप है।
ईडी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि अशोक कुमार शर्मा और भास्कर यादव को 28 फरवरी को हिरासत में लिया गया।
कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में दोनों फरार थे।
आरोप है कि इस धोखाधड़ी के तहत देशभर में मासूम लोगों को निवेश के झूठे अवसर, अंशकालिक नौकरी योजनाओं, क्यूआर कोड घोटाले और फिशिंग अभियान के बहाने धन हस्तांतरित करने के लिए लुभाया गया।
ईडी ने 28 नवंबर, 2024 को यादव के अलावा दिल्ली के बिजवासन इलाके में शर्मा के परिसरों पर भी छापा मारा था। एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान शर्मा कथित तौर पर ईडी अधिकारियों पर हमला करने के बाद परिसर से फरार हो गया था।
ईडी ने कपासहेड़ा के स्थानीय पुलिस थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया था।
ईडी ने बताया कि यादव को जब पता चला कि ईडी के अधिकारी तलाशी के लिए उसके घर पहुंचे हैं, तो वह भी वहां से फरार हो गया।
दोनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गईं।
उच्चतम न्यायालय ने 18 फरवरी को यादव द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
ईडी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
भाषा तान्या पवनेश
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