नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात के दाहोद जिले में राज्य सरकार के छह ‘फर्जी’ कार्यालय खोलने और सरकारी अनुदान प्राप्त करने के मामले में करीब 22 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
ईडी ने एक बयान में बताया कि उसने यह कार्रवाई दाहोद पुलिस की बिना तारीख वाली प्राथमिकी पर संज्ञान लेकर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में की है।
संघीय एजेंसी ने कहा कि यह मामला दाहोद जिले में सिंचाई और जल संसाधन विभाग के छह ‘फर्जी’ कार्यालय बनाने से जुड़ा है।
ईडी ने कहा कि आरोपियों ने स्वयं को सरकारी अधिकारियों के तौर पर पेश किया और नकली मुहरें और हस्ताक्षर, फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी अनुदान हासिल किया।
आरोप है कि आरोपी ने 121 ‘फर्जी’ कामों के लिए मंजूरी ली और ‘धोखाधड़ी’ से सरकारी धन प्राप्त किया।
ईडी के मुताबिक गैर-कानूनी तरीके से हासिल किए गए कोष को बैंक खातों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाया गया और बाद में संपत्ति खरीदने, निवेश करने और दूसरे कामों में इस्तेमाल किया गया।
बयान के मुताबिक पीएमएलए के तहत जारी अनंतिम आदेश के तहत अबूबकर जाकिरअली सैय्यद, उसके परिवार और सहयोगियों के सात भूखंड, म्यूचुअल फंड में निवेश और बैंक खातों में जमा राशि कुर्क कर ली। उसने बताया कि कुर्क की गई इन चल और अचल संपत्तियों की कीमत 22.70 करोड़ रुपये है।
भाषा धीरज माधव
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