(परिवर्तित स्लग के साथ जारी)
नयी दिल्ली/चंडीगढ़, नौ मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन से जुड़ी जांच के तहत पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे कथित रूप से जुड़े कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर शनिवार को फिर से छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई पांच परिसरों में की गई, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरोड़ा का चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास भी शामिल है।
छापेमारी दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित परिसरों में भी की गई। इनमें ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ नामक कंपनी का परिसर भी शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किए जाने के बाद ये छापेमारी की गई।
ईडी ने अप्रैल में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे।
अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) ‘‘मोदी के हथकंडों के आगे’’ कभी नहीं झुकेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठजोड़ के अंत की शुरुआत पंजाब से होगी।’’
मान ने कहा, ‘‘भाजपा की ईडी आज फिर से संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में यह तीसरी बार है, जब भाजपा की ईडी उनके घर आई है और पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है। इन्हें इसके बावजूद कुछ नहीं मिला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की धरती है, जिन्हें औरंगजेब भी नहीं झुका सका था। यह भगत सिंह की धरती है जो अंग्रेजों के सामने कभी नहीं झुके तो मोदी के इन हथकंडों के सामने पंजाब कभी नहीं झुकेगा। ईडी एवं भाजपा के इस अनैतिक गठबंधन का अंत पंजाब से ही होगा।’’
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा-नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से कुछ महीने पहले विपक्ष शासित राज्यों में राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भेजना भाजपा की रणनीति है।
चीमा ने आरोप लगाया कि वे ‘‘मतदाता सूची से नाम हटवाने’’ जैसी रणनीतियों का भी इस्तेमाल कर ‘‘चुनाव लूटने’’ की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में विश्वास रखती है। हम संविधान और देश के लोकतंत्र को बचाएंगे।’’
चीमा ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में लोकतंत्र देखने के लिए पंजाब के लोगों ने सबसे अधिक बलिदान दिए। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा चाहे जितने भी हमले करे, हम उनके सभी हमलों को नाकाम करेंगे।’’
ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ताजा जांच 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की ‘‘फर्जी’’ जीएसटी (माल एवं सेवा कर) खरीद और उसके बाद निर्यात के जरिये कथित अवैध धन को दुबई से भारत वापस लाने से जुड़ी है।
आरोप है कि फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) का दावा करने के लिए दिल्ली की ‘‘अस्तित्वहीन’’ कंपनियों से जीएसटी खरीद के कई फर्जी बिल प्राप्त किए गए।
अरोड़ा ने अप्रैल में छापेमारी के बाद कहा था कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई की जीत होगी।
‘आप’ ने इन छापों को राजनीतिक बदला लेने की कार्रवाई बताया है। पार्टी का आरोप है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है।
अरोड़ा के खिलाफ धनशोधन के एक पुराने मामले में भी पहले से जांच जारी है। इस मामले में ईडी ने 2024 में उनके परिसरों पर छापे मारे थे। उस समय उन पर और उनके सहयोगियों पर आवासीय परियोजनाओं के लिए औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। उस समय अरोड़ा राज्यसभा सदस्य थे।
ईडी ने पंजाब में राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के खिलाफ पिछले कुछ हफ्तों में कुछ बड़ी कार्रवाइयां की हैं। पंजाब में 2027 की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
एजेंसी ने ‘लवली ग्रुप’ के प्रवर्तक और राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल के परिसरों पर भी छापे मारे थे। इन छापों के बाद मित्तल ‘आप’ के छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।
एजेंसी ने इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब के कुछ बिल्डर और रियल एस्टेट कंपनियों तथा ‘आप’ के एक पदाधिकारी के कथित सहयोगी के परिसरों पर भी छापे मारे थे। उसने ‘आप’ की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के खिलाफ आरोप लगाए थे। अमन अरोड़ा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए ईडी के दावों को ‘‘मनगढ़ंत कहानी’’ बताया था।
भाषा सिम्मी सुरेश
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