ईडी ने 30 करोड़ रुपये की विवाह सहायता योजना ‘धोखाधड़ी’ मामले में मध्यप्रदेश में छापेमारी की
ईडी ने 30 करोड़ रुपये की विवाह सहायता योजना ‘धोखाधड़ी’ मामले में मध्यप्रदेश में छापेमारी की
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने मध्यप्रदेश सरकार की विवाह सहायता योजना में कथित तौर पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के धनशोधन मामले की जांच के तहत हाल ही में छापेमारी की। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तीन अक्टूबर को भोपाल, विदिशा, कटनी और छतरपुर ज़िलों में सात ठिकानों पर छापेमारी की गयी।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि यह जांच सिरोंज (विदिशा ज़िला) जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ शोभित त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों से जुड़ी है।
ईडी का मामला त्रिपाठी के खिलाफ मध्यप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी से सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ ने अन्य लोगों के साथ मिलीभगत करके 2019 और नवंबर 2021 के बीच राज्य सरकार की विवाह सहायता योजना के तहत आयोजित 5,923 ‘संदिग्ध विवाहों’ के नाम पर 30.18 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
जांच एजेंसी ने कहा कि त्रिपाठी ने कुछ डेटा एंट्री ऑपरेटरों के साथ मिलकर निर्माण श्रमिकों के परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए मूल रूप से आवंटित धनराशि को ‘हस्तांतरित’ करने के लिए अपने पद का ‘दुरुपयोग’ किया।
ईडी ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने जाली दस्तावेज़ तैयार किए और पोर्टल पर धोखाधड़ी वाली जानकारी अपलोड की। इन दस्तावेज़ों का उपयोग करके, उन्होंने सरकारी खजाने से अपात्र आवेदकों के बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित की और बाद में एटीएम के माध्यम से कई किस्तों में धनराशि निकाल ली।’’
एजेंसी ने कहा कि निकाली गई धनराशि को फिर त्रिपाठी और उनके परिवार के सदस्यों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं के बैंक खातों में जमा कर दिया गया।
उक्त राशि का या तो विभिन्न भुगतानों के लिए ‘उपयोग’ किया गया या शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए ‘निवेश’ किया गया।
ईडी ने कहा कि उसने छापेमारी के दौरान त्रिपाठी और अन्य के 21.7 लाख रुपये मूल्य के बैंक खातों और म्यूचुअल फंड को फ्रीज करने के साथ ही संपत्ति के कागजात और डिजिटल उपकरण जब्त कर लिये।
भाषा रंजन सुरेश
सुरेश

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