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नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ छापेमारी के दौरान 6.3 करोड़ रुपये नकद और 7.5 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह कंपनी घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रही है और वर्तमान में दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुक्रवार को की गई, जिसमें कंपनी ‘अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड’ (ईआईएल) के पूर्व निदेशकों, प्रवर्तकों और उनसे जुड़े संस्थानों के दिल्ली और गुरुग्राम स्थित 10 परिसरों पर छापे मारे गए।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी जून 2018 से कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी के पूर्व निदेशकों और प्रवर्तकों के खिलाफ धन शोधन का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज पांच प्राथमिकियों और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान ईडी ने 6.3 करोड़ रुपये नकद, 7.5 करोड़ रुपये के आभूषण और लग्जरी घड़ियां जब्त कीं।
इस समूह और इसकी संबद्ध कंपनियों ने ‘अर्थ’ ब्रांड के तहत दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ में कई रियल एस्टेट परियोजनाएं शुरू की थीं, जिनमें अर्थ टाउन, अर्थ सैफायर कोर्ट, अर्थ कोपिया, अर्थ टेकवन, अर्थ आइकॉनिक, अर्थ टाइटेनियम, अर्थ एलाकासा, अर्थ ग्रेसिया और अर्थ स्काईगेट शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, आरोपी कंपनियों ने 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से 2,024.45 करोड़ रुपये जुटाए थे, उन्हें आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों की समय पर डिलीवरी और सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया गया था।
हालांकि, भारी अग्रिम राशि लेने के बावजूद परियोजनाएं पूरी नहीं की गईं या खरीदारों को कब्जा नहीं दिया गया। एजेंसी का दावा है कि धन को गुरुग्राम, दिल्ली और राजस्थान में जमीन खरीदने या मुखौटा कंपनियों के जरिए इधर-उधर किया गया।
भाषा गोला रंजन
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