पवार ने वारकरी संप्रदाय में प्रतिगामी तत्वों के प्रवेश का दावा किया, फडणवीस का पलटवार

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पवार ने वारकरी संप्रदाय में प्रतिगामी तत्वों के प्रवेश का दावा किया, फडणवीस का पलटवार

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 10:27 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 10:27 PM IST

मुंबई, 11 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख शरद पवार के उस बयान का खंडन किया, जिसमें उन्होंने वारकरी संप्रदाय में प्रतिगामी तत्वों के प्रवेश की बात कही थी। फडणवीस ने दावा किया कि शहरी नक्सली संगठनों से जुड़े कुछ लोग इस आंदोलन में घुसपैठ कर गए थे, लेकिन उन्हें अस्वीकार कर दिया गया।

‘वारकरी’ शब्द पंढरपुर के भगवान विट्ठल के भक्तों के लिए प्रयोग किया जाता है, जो मंदिर नगर में प्रतिवर्ष पदयात्रा निकालते हैं।

यह परंपरा सदियों पुरानी है और तुकाराम और नामदेव जैसे भक्ति परंपरा के महान कवियों को प्रेरित किया है।

एक पत्रिका में प्रकाशित लेख में पवार ने खेद व्यक्त किया कि हाल के दिनों में प्रतिगामी तत्व वारकरी परंपरा में प्रवेश कर गए हैं और संप्रदाय के कुछ उपदेशकों के प्रवचन धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देते हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि पवार का लेख पूरी तरह गलत है और परंपरा के बारे में समझ की कमी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि 800 से 900 वर्षों के इतिहास वाला वारकरी संप्रदाय भाईचारे, आध्यात्मिक पवित्रता और भागवत परंपरा की शिक्षाओं पर आधारित दर्शन का प्रतिनिधित्व करता है।

फडणवीस ने कहा, ‘‘हाल ही में वारकरी आंदोलन में शामिल कुछ लोगों के शहरी नक्सली संगठनों से संबंध थे। सौभाग्य से आंदोलन ने उन्हें अस्वीकार कर दिया।’’

गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने बताया कि सरकार के पास ऐसे व्यक्तियों से संबंधित ‘दस्तावेज’ मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वारकरी परंपरा समृद्ध और समावेशी है। यह मन की शुद्धि और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर जोर देती है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवार का लेख ‘पूरी तरह से गलत’ था और वह इसकी विषयवस्तु से दुखी हैं, लेकिन सभी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप