सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच निष्कर्षों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ नहीं कहा जा सकता: सनी जोसेफ

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सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच निष्कर्षों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ नहीं कहा जा सकता: सनी जोसेफ

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 12:51 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 12:51 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 20 अगस्त (भाषा) केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि सीएमआरएल धनशोधन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी. के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के निष्कर्षों को ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई’’ नहीं कहा जा सकता क्योंकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और उसके नेता एजेंसी की जांच में सामने आए तथ्यों को नकार नहीं पाए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि उसने मई में वीणा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के दौरान कुछ ‘‘हस्तलिखित’’ नोट जब्त किए थे जिनमें दुबई में धन के कुछ हस्तांतरण का विवरण था।

एजेंसी ने यह भी दावा किया था कि इन छापों के दौरान वीणा से जब्त डिजिटल उपकरणों में एक सिम कार्ड की तस्वीर मिली जो कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया था

ईडी ने कहा था कि वीणा ने इंटरनेट के जरिये फोन कॉल करने के लिए इस सिम कार्ड का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था।

धनशोधन का यह मामला केरलम की खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ से संबंधित है। वीणा ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ की प्रवर्तक थीं।

जांच इन आरोपों से जुड़ी है कि सीएमआरएल ने कोई सेवा प्राप्त किए बिना ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

जोसेफ ने केपीसीसी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि ईडी की आधिकारिक विज्ञप्ति में कुछ ऐसे मामलों को स्पष्ट किया गया है, जिनसे अब तक की जांच और आरोपों की पुष्टि होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘माकपा ने इसका जवाब नहीं दिया है। केरलम की जनता इस जवाब की अपेक्षा करती है। इससे न तो केरलम सरकार और न ही केरलम में कांग्रेस पार्टी का कोई संबंध है। जांच एक केंद्रीय एजेंसी कर रही है।’’

जोसेफ ने कहा कि इन आरोपों को मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित किया गया है और जनता के बीच भी इन पर चर्चा हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जांच आगे बढ़ रही है, कानून को अपना काम करने दीजिए। इन सवालों के जवाब तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। राजनीतिक रूप से, वे जवाब दे सकते हैं लेकिन उससे जनता का विश्वास शायद हासिल न हो।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या जांच राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है, जोसेफ ने कहा कि इसे ऐसा कहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि ईडी की प्रेस विज्ञप्ति में बताए गए तथ्यों को कोई नकार नहीं पाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार वीणा विजयन कोई ऐसी बड़ी नेता भी नहीं हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या इस मामले को पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए, जोसेफ ने कहा कि ईडी के बयान से संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री की बेटी होने के कारण लाभ या अवैध संपत्ति कथित तौर पर हासिल की गई।

जोसेफ ने सिंथेटिक मादक पदार्थ के एक मामले के आरोपियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के बीच करीबी संबंध दर्शाने वाली तस्वीरों की खबरों पर कहा कि सभी दलों के नेताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कोई भी पार्टी हो, हमारे परिचित, मित्र या आजकल तो बिल्कुल अनजान लोग भी आकर तस्वीरें खिंचवा लेते हैं। वे कार्यालयों में आते हैं। नेताओं, मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों या यहां तक कि पंचायत अध्यक्ष के साथ भी ऐसा हो सकता है। हम ऐसे लोगों के बारे में पहले से नहीं समझ सकते।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या केपीसीसी को जल्द नया अध्यक्ष मिलेगा, जोसेफ ने कहा कि ऐसा कभी भी हो सकता है, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा