तिरुवनंतपुरम, 20 अगस्त (भाषा) केरलम के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने बुधवार को कहा कि हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर से संबंधित ‘गलत प्रश्न’ तैयार करने वाले शिक्षक के निलंबन पर अदालत की रोक सरकार के लिए कोई झटका नहीं है।
मंत्री ने कहा कि अंतरिम स्थगन कोई असाधारण बात नहीं है और ऐसे मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया है।
उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘सरकार अदालत में इस मामले पर अपना पक्ष रखेगी और शिक्षक द्वारा कथित रूप से की गई गलती के बारे में भी बताएगी।’’
केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को शिक्षक गुरु प्रसाद राय के. के निलंबन पर एक महीने के लिए रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि शिक्षक पर लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए जांच को सही तरीके से आगे बढ़ाने के लिए निलंबन जरूरी नहीं है।
हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि राय के खिलाफ लगे आरोपों को देखते हुए जांच जारी रहेगी।
शम्सुद्दीन ने अलप्पुझा जिले में कथित तौर पर किशोरों द्वारा एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या की हालिया घटना का भी जिक्र किया और इसे एक अलग घटना बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा में हिंसा और आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह और दिशा-निर्देश शामिल किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को और बढ़ाया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, धन के लिए एक बुजुर्ग व्यक्ति की कथित हत्या के मामले में 13 वर्षीय लड़की समेत चार किशोरों को हिरासत में लिया गया है।
आरोपी लड़की आठवीं कक्षा की छात्रा है और वह अलप्पुझा जिले के करुवट्टा निवासी 65 वर्षीय शिवनकुट्टी की करीबी रिश्तेदार थी।
पुलिस ने बताया कि लड़की के तीन अन्य नाबालिग साथी कोल्लम जिले के परवूर के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह शिवनकुट्टी अपने घर में मृत पाए गए थे। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटी अस्पताल गई हुई थीं। पुलिस ने बताया कि शिवनकुट्टी के गले से सोने की चेन और घर में रखा सोना गायब था।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी महंगा मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल खरीदने के लिए पैसे चुराना चाहते थे और चोरी के प्रयास के दौरान ही हत्या की घटना हुई।
भाषा शोभना मनीषा
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