कोलकाता, नौ फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी से पहले प्रकाशित नहीं की जाएगी, हालांकि इस महीने के अंत तक इसे जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को प्रभावित व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की समय सीमा 14 फरवरी से एक सप्ताह आगे बढ़ा दी है।
अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, “अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी से पहले प्रकाशित नहीं की जाएगी। हम इसे 28 फरवरी तक प्रकाशित करने का प्रयास करेंगे।”
उन्होंने पुनरीक्षण प्रक्रिया पर अद्यतन जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 1.39 करोड़ मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 1.06 करोड़ मामलों में दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं।
अग्रवाल ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने चुनाव संबंधी कार्यों के लिए 8,505 ग्रुप-बी अधिकारियों के नाम उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने बताया, “वे (ग्रुप बी अधिकारी) कल से कार्यभार संभालेंगे। दो दिन के प्रशिक्षण के बाद, नए पर्यवेक्षकों को पांच से सात दिनों के भीतर उनके ‘लॉगिन क्रेडेंशियल’ मिल जाएंगे।”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शिकायत निवारण के संबंध में बताया, “अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अगर किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वे पांच दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं। अगर जिला निर्वाचन अधिकारी आवेदन का निपटारा नहीं करते हैं, तो मतदाता अगले पांच दिनों के भीतर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
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