शह-मात The Big Debate: एमपी में निगम-मंडल में नियुक्तियां.. प्रदेश भाजपा के लिए राहत या आफत?.. जानें क्या है सरकार और संगठन की तैयारी

Ads

Madhya Pradesh Nigam-Mandal Appointment: पिछले दो सालों से प्रदेश में 45 निगम-मंडल-आयोग-बोर्ड-प्राधिकरण में रिक्त पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो सकी है। सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा है कि देरी के पीछे कुछ तो मजबूरी होगी, वरना बीजेपी किसी भी काम को ज्‍यादा समय तक लंबा नहीं खींचती।

  •  
  • Publish Date - February 10, 2026 / 12:12 AM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 12:13 AM IST

Madhya Pradesh Nigam-Mandal Appointment

HIGHLIGHTS
  • निगम-मंडल नियुक्तियों पर तेज हलचल
  • मोहन यादव-खंडेलवाल की दिल्ली बैठक
  • 45 पद दो साल से खाली

भोपाल: मध्यप्रदेश बीजेपी में भोपाल से लेकर दिल्‍ली तक महामंथन का दौर चल रहा है। मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी नेतृत्व के साथ मंथन किया। (Madhya Pradesh Nigam-Mandal Appointment) ये पूरा मंथन निगम-मंडल-आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां और सत्ता और संगठन से जुड़े भविष्य के फैसलों पर हुआ। इस मंथन से संगठन में बदलाव होगा, सत्‍ता का विस्तार होगा, बिगड़ते समीकरण बनेंगे तो नियुक्‍तियों का अंबार होगा।

‘लाखों कार्यकर्ता की चिंता कर रहे हैं’ : प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश में निगम मंडल आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्ति की सुगबुगाहट शुुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष की दिल्ली दौड़ भी इसी कवायद की ओर इशारा कर रही है। हालांकि निगम मंडल में नियुक्ति के पीछे बीजेपी की चाहे जो भी मजबूरी हो लेकिन सूबे में जिला प्रभारियों की नियुक्तियों के बाद नेताओं की उम्मीदों को एक बार फिर बल मिला है। इन सबके बावजूद अभी भी निगम मंडलों आयोग में राजनीतिक नियुक्‍तियों पर असमंजस के बादल छटे नहीं है।

हेमंत खंडेलवाल ने दो टूक कह दिया है कि वे लाखों कार्यकर्ता की चिंता कर रहे हैं ना कि, निगम मंडल में आने वाले तीस से चालीस नेताओं की। (Madhya Pradesh Nigam-Mandal Appointment) जाहिर है उनका फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। निगम मंडलों को लेकर बीजेपी में उथल -पुथल मची हुई है। पद की उम्मीद लगाए बैठे बीजेपी नेता जल्द नियुक्‍तियां होने का दावे कर रहे हैं, दूसरी तरफ कांग्रेस नियुक्‍तियों में देरी को लेकर लेकर बीजेपी में गुटबाजी का आरोप लगा रही है।

45 निगम-मंडल-आयोग-बोर्ड-प्राधिकरण में रिक्त पद

पिछले दो सालों से प्रदेश में 45 निगम-मंडल-आयोग-बोर्ड-प्राधिकरण में रिक्त पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो सकी है। सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा है कि देरी के पीछे कुछ तो मजबूरी होगी, वरना बीजेपी किसी भी काम को ज्‍यादा समय तक लंबा नहीं खींचती। बात हाईकमान तक भी पहुंची। भोपाल से लेकर दिल्‍ली तक कई दौर की बातचीत भी हुई। नेताओं में समन्वय और तालमेल भी बैठाया गया लेकिन सवाल आखिर में वही कि पद देने में कहां बाधा आ रही है?

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. मध्यप्रदेश में कितने निगम-मंडल पद खाली हैं?

करीब 45 निगम-मंडल, आयोग और बोर्ड में दो साल से नियुक्तियां लंबित हैं।

Q2. दिल्ली में हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

निगम-मंडल नियुक्तियों और संगठनात्मक बदलावों पर रणनीति तय करना।

Q3. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर क्या आरोप लगाया है?

कांग्रेस ने नियुक्तियों में देरी को लेकर बीजेपी में गुटबाजी का आरोप लगाया है।

शीर्ष 5 समाचार