ShriKant Shinde on Naxalism: ‘न रहेगा माओवाद, न रहेगा जातिवाद…’, लोकसभा में श्रीकांत शिंदे ने माओवाद के खात्मे को लेकर दी जानकारी, बताया सरकार का क्या है प्लान

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ShriKant Shinde on Naxalism: 'न रहेगा माओवाद, न रहेगा जातिवाद...', लोकसभा में श्रीकांत शिंदे ने माओवाद के खात्मे को लेकर दी जानकारी, बताया सरकार का क्या है प्लान

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 02:11 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 02:17 PM IST

loksabha naxali/ IMAGE SOURCE: IBC24

HIGHLIGHTS
  • नक्सलवाद पर बोले श्रीकांत एकनाथ शिंदे
  • गढ़चिरौली गोंदिया में 24 नक्सली सक्रिय
  • CPI के सदस्य भूपति ने भी किया सरेंडर

ShriKant Shinde on Naxalism: दिल्ली: लोकसभा में नक्सलवाद को लेकर चर्चा के दौरान शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने गढ़चिरौली और गोंदिया के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली हिंसा और नक्सल गतिविधियों के लिए पहले जाना जाता था, लेकिन अब यह क्षेत्र उद्योगों का केंद्र बनता जा रहा है। बता दें कि, लोकसभा में आज नक्सलवाद को लेकर चर्चा हो रही है।

Naxal free Gadhchiroli: नक्सलवाद पर बोले एकनाथ शिंदे

लोकसभा में नक्सलवाद पर बोलते हुए शिवसेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने कहा कि गढ़चिरौली और गोंदिया क्षेत्रों में अब भी 24 नक्सली सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में CPI के सदस्य भूपति ने सरेंडर किया है, जिससे उत्तर गढ़चिरौली पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। श्रीकांत शिंदे ने यह भी कहा कि अर्बन नक्सलियों के खिलाफ युद्ध लगातार जारी है और देश में किसी भी प्रकार की नक्सली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने गढ़चिरौली को पहले हिंसा के लिए जाना जाने वाला क्षेत्र बताया, लेकिन अब वह उद्योगों और विकास का केंद्र बन रहा है। सांसद ने कहा कि प्रस्तावित एक लाख करोड़ रुपए के विशाल स्टील प्लांट से लगभग 17 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा और यह प्लांट 2030 तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह परियोजना न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि इलाके को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त बनाने में भी मदद करेगी। श्रीकांत शिंदे ने नक्सलवाद के खिलाफ दशकों लंबा खूनी संघर्ष याद करते हुए कहा कि इस संघर्ष के लिए देश में भव्य स्मारक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पाठ्यपुस्तकों में यह बताया जाना चाहिए कि नक्सलवाद कैसे बढ़ा और कैसे खत्म किया गया। शिंदे ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि न रहेगा माओवाद, न रहेगा जातिवाद, न रहेगा अलगाववाद और देश में केवल राष्ट्रवाद का ही बोलबाला रहेगा।

लोकसभा में उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद पर मिली सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2000 से अब तक 12 हजार जवान और नागरिक इस संघर्ष में शहीद हुए हैं। श्रीकांत शिंदे ने जोर देकर कहा कि उत्तर गढ़चिरौली पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो गया है और गढ़चिरौली भविष्य में भारत का सबसे बड़ा नक्सल हब बनकर न केवल सुरक्षा दृष्टि से बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिहाज से भी मॉडल बन सकता है।

Gadhchiroli steel plant: शिवसेना सांसद ने शुरू की चर्चा

लोकसभा में आज नक्सलवाद को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिंदे ने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने देश में रेड कॉरिडोर का निर्माण किया, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे ग्रोथ कॉरिडोर में बदलते हुए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। सांसद ने आगे कहा कि पूर्व सरकार के समय राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, जबकि वर्तमान सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार रणनीतियां लागू कर रही है। उन्होंने नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बलों की सक्रियता, सामाजिक विकास योजनाओं और स्थानीय समुदायों के साथ सहयोग को नक्सल विरोधी अभियान की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया।

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