कोलकाता, 15 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल में दो चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाने को ज्यादा तवज्जो न देते हुए रविवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने चरणों की संख्या “अपने राजनीतिक आकाओं की जरूरतों” के अनुसार तय की।
पार्टी ने सवाल उठाया कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड-19 महामारी फैली होने के बावजूद आयोग ने आठ चरण में चुनाव कराया था जबकि इस बार केवल दो चरण में चुनाव कराने का फैसला किया है।
टीएमसी के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा, “चरणों की संख्या भाजपा की इच्छा को दर्शाती है और निर्वाचन आयोग ने अपने राजनीतिक आकाओं की जरूरतों के अनुसार काम किया है।”
निर्वाचन आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित करते हुए बताया कि राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरण में मतदान होगा।
चक्रवर्ती ने कहा, “2021 में जब लोग कोविड संक्रमण से मर रहे थे, तब राज्य में आठ चरण में चुनाव कराए गए और अब जब ऐसी कोई बीमारी नहीं है, तो केवल दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय क्यों लिया गया? चुनावों के चरणों की संख्या मायने नहीं रखती, लोग भाजपा को हर हाल में परास्त कर देंगे।”
इस बीच भाजपा ने दो चरण में चुनाव कराने के आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोग सत्तारूढ़ टीएमसी के “महाजंगलराज” को खत्म करने के लिए निर्णायक तरीके से मतदान करेंगे। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आएगा।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह केवल एक चुनाव नहीं है, बल्कि एक सभ्यतागत संघर्ष है। महाजंगलराज के अंत की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।”
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने सत्तारूढ़ टीएमसी ने लोगों के मूलभूत अधिकार छीने हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में आती है तो राज्य में एक “नयी सुबह” होगी।
भट्टाचार्य ने दावा किया कि टीएमसी सरकार ने लोगों को बुनियादी अधिकारों जैसे साफ पेयजल, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, रोजगार के अवसर से वंचित रखा।
उन्होंने कहा, “भाजपा के सत्ता में आने पर, लोगों के अधिकार पुनः बहाल किए जाएंगे। हमारी सरकार सभी वर्गों तक पहुंच बनाएगी और एक समावेशी प्रणाली तैयार करेगी, जहां हर नागरिक की इच्छाओं और आकांक्षाओं का सम्मान किया जाएगा।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने दो चरण में चुनाव कराने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन साथ ही सवाल किया कि क्या मतदाता बिना डर और दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि उन्होंने हाल ही में आयोग की पूर्ण पीठ के साथ बातचीत में मतदाताओं को डराने और धमकाए जाने का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैं पश्चिम बंगाल में दो चरण में चुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले का स्वागत करता हूं। लेकिन मेरी एकमात्र चिंता यह है कि क्या मतदाता स्वतंत्र रूप से और बिना किसी भय के मतदान कर सकेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में कई बार ऐसा हुआ कि कई चरण में चुनाव होने के बावजूद भी मतदाता वोट नहीं डाल पाए।
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