नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय औसत की तुलना में राजधानी में तपेदिक (टीबी) नियंत्रण के क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर है, जहां 88 प्रतिशत एनएएटी जांच और 47 प्रतिशत तपेदिक रोकथाम उपचार (टीपीटी) दर्ज किया गया है।
संधू ने मंगलवार को मुख्य सचिव राजीव वर्मा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की।
तपेदिक (टीबी) फेफड़े का एक संक्रमण है, जो बैक्टीरियम माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है।
उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यह उत्साहजनक है कि दिल्ली राष्ट्रीय औसत से आगे प्रदर्शन कर रही है और 88 प्रतिशत अग्रिम एनएएटी जांच तथा 47 प्रतिशत टीपीटी कवरेज हासिल किया गया है।’’
एनएएटी (न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेक्नीक) जांच टीबी की त्वरित पहचान के लिए बलगम या मुंह की लार के माध्यम से की जाने वाली जांच है।
संधू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत प्रदान किए जाने वाले लाभों का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से शीघ्र वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा उच्च जोखिम वाले वार्ड में एक्स-रे स्क्रीनिंग को मजबूत करने के लिए संचालन संबंधी बाधाओं को दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सभी नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रधानमंत्री के ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
भाषा
अमित नरेश
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