दिल्ली में बुजुर्ग दंपति की हत्या मामले में पूर्व घरेलू सहायक राजस्थान से गिरफ्तार

दिल्ली में बुजुर्ग दंपति की हत्या मामले में पूर्व घरेलू सहायक राजस्थान से गिरफ्तार

  •  
  • Publish Date - January 7, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 08:50 PM IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के शाहदरा में एक बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या करने और उनके गहने लूटने के आरोप में पूर्व घरेलू सहायक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी का करीब 500 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद राजस्थान में उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।

पुलिस ने बताया कि यह घटना 3-4 जनवरी की दरमियानी रात हुई थी, जबकि नांगलोई निवासी आरोपी अशोक कुमार सेन (32) को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

उसने बताया कि पीड़ित दंपति की पहचान वीरेंद्र कुमार बंसल (71) और उनकी पत्नी प्रवेश बंसल (65) के रूप में हुई है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने बताया कि यह घटना चार जनवरी को रात करीब 12:30 बजे तब सामने आई, जब पीसीआर को सूचना मिली कि सूचना देने वाले के माता-पिता अपने घर में बेहोश पड़े हैं और मृत प्रतीत हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, जहां उन्होंने महिला को बाहरी गेट के पास एक कमरे में बिस्तर पर बेहोश पाया। दूसरे कमरे में वीरेंद्र बिस्तर पर बेहोश मिले और उनके मुंह एवं नाक से खून बह रहा था, दोनों के आंखों के आसपास चोट के और सिर पर कील के घाव जैसे निशान थे।

वर्मा ने बताया, ‘‘दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकिस्कों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए, कई टीम गठित की गईं।’’

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल की जांच से खुलासा हुआ कि अपराध की योजना बहुत सोच-समझकर बनाई गई थी। अपराधी ने अपना पूरा शरीर ढका हुआ था, दस्ताने पहने हुए थे और यह सुनिश्चित किया था कि कोई भी भौतिक या फॉरेंसिक सबूत न छूट जाए। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को इमारत में केवल ऐसे स्थानों से प्रवेश करते और बाहर निकलते देखा गया, जो दिखाई नहीं देते थे, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया।

उसने बताया कि पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरा फुटेज की पड़ताल की और मृतक के रिश्तेदारों, पड़ोसियों और उन सभी व्यक्तियों से विस्तार से पूछताछ की, जिनका मृतक से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध था।

संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘पूछताछ के दौरान, टीम को जानकारी मिली कि बीमार बुजुर्ग दंपति ने पहले देखभाल करने के लिए कुछ लोगों को रखा था। लगभग दो महीने तक काम करने वाले एक सहायक से विस्तार से पूछताछ की गई, लेकिन उसके खिलाफ कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।’’

अधिकारी ने बताया कि इसके बाद ध्यान दूसरे पूर्व घरेलू सहायक पर केंद्रित की गई। जब पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसकी पत्नी ने बताया कि वह खाटू श्याम मंदिर दर्शन करने गया है और अपना मोबाइल फोन साथ नहीं ले गया है। इस स्पष्टीकरण को संदिग्ध मानते हुए, एक टीम नांगलोई स्थित घरेलू सहायक के घर पहुंची।

उन्होंने बताया कि दूसरे घरेलू सहायक की तस्वीर प्राप्त की गई और उसकी तुलना इलाके से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध के कद-काठी और चलने-फिरने के तरीके से की गई। पुलिस ने कहा कि शारीरिक समानताओं ने उनके संदेह को और पुख्ता कर दिया।

वर्मा ने बताया, ‘‘आगे की जांच में पता चला कि घरेलू सहायक ने हाल ही में अपने एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन से अपनी पत्नी से संपर्क किया था, जिससे उसके राजस्थान के सीकर में होने की जानकारी मिली। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम को तुरंत सीकर के तापीपल्या गांव भेजा गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’’

अधिकारी ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर सेन ने कथित तौर पर अपराध कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर, लूटे गए सोने के आभूषण, यथा- सोने की एक चेन, एक मंगलसूत्र, सोने की दो चूड़ियां, एक अंगूठी और एक चेन लॉकेट, बरामद कर लिये गए।

वर्मा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि अपराध में सेन का किसी ने सहयोग तो नहीं किया था।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश