पिथौरागढ़ में बैंक प्रबंधक को जिंदा जलाने के दोषी पूर्व सुरक्षा गार्ड को उम्रकैद

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पिथौरागढ़ में बैंक प्रबंधक को जिंदा जलाने के दोषी पूर्व सुरक्षा गार्ड को उम्रकैद

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 11:27 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 11:27 PM IST

पिथौरागढ़, 25 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की एक अदालत ने तीन साल पहले एक बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात रहे व्यक्ति को उसी बैंक के शाखा प्रबंधक को जिंदा जलाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

सरकारी अधिवक्ता प्रमोद पंत ने मंगलवार को बताया कि पिथौरागढ़ के विशेष सत्र न्यायाधीश ने सोमवार को छह मई, 2023 को हुई इस घटना के मामले में दीपक छेत्री को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

पंत ने बताया, ‘‘अदालत ने छेत्री को शाखा प्रबंधक को जिंदा जलाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही, भारतीय दंड संहिता की धारा 436 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी दी गई है।’’

सरकारी अधिवक्ता के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक की धारचूला शाखा के प्रबंधक मोहम्मद आवेश के साथ किसी बात को लेकर विवाद होने के बाद छेत्री ने अचानक उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।

उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे शाखा प्रबंधक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें दिल्ली रेफर किया गया, जहां 16 मई, 2023 को उनकी मौत हो गई।

पंत ने बताया कि अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, पेट्रोल की बोतल और बैंक परिसर से बरामद जली हुई वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में पेश किया।

भाषा

सं, दीप्ति रवि कांत