शिलांग, 25 अगस्त (भाषा) शिलांग में 19 अगस्त को रैली के दौरान हिंसा कराने के आरोपों का सामना कर रहे खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) ने मंगलवार को उसकी पांच मांगों पर बातचीत के मेघालय सरकार के न्योते को स्वीकार कर लिया।
इन मांगों में एक सीमेंट कंपनी की जन-सुनवाई के मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और राज्य सुरक्षा कानून को लागू करना भी शामिल है।
केएसयू ने बताया कि यह निर्णय उसकी केंद्रीय कार्यकारी समिति ने मंगलवार शाम को हुई एक आपातकालीन बैठक में लिया।
केएसयू के सूचना और प्रचार सचिव पिनशाई कुलार ढखार ने उम्मीद जताई कि बैठक सफल रहेगी।
सोमवार को केएसयू को भेजे गए एक पत्र में, गृह (राजनीतिक) विभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव डी.डी. सिंगई ने बताया कि मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा 26 अगस्त को शाम छह बजे मेघालय सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में केएसयू प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे।
इन पांच मांगों में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मेघालय राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई को पूर्वी जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट प्रोजेक्ट के लिए आयोजित जनसुनवाई में लोगों को शामिल होने से रोका था।
केएसयू ने ‘इनर लाइन परमिट’ लागू होने तक ‘मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट, 2016’ को पूरी तरह लागू करने, खासी और जयंतिया हिल्स के सभी 18 प्रवेश मार्गों पर सुविधा केंद्र बनाने, संशोधित ‘माइग्रेंट वर्कमैन एक्ट, 2020’ को लागू करने और एनईआईजीआरआईएचएमएस में भर्ती के नियमों में बदलाव करने की भी मांग की है।
उन्नीस अगस्त को केएसयू की बाइक रैली हिंसक हो गयी थी। इसमें 18 लोग घायल हुए थे।
भाषा
राजकुमार सुभाष
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