शिवसेना (उबाठा) के पूर्व सांसद, परिजनों पर बहू की प्रताड़ना, तंत्र-मंत्र के आरोप में मामला दर्ज

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शिवसेना (उबाठा) के पूर्व सांसद, परिजनों पर बहू की प्रताड़ना, तंत्र-मंत्र के आरोप में मामला दर्ज

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - July 12, 2026 / 05:28 PM IST

ठाणे/मुंबई, 12 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के पूर्व लोकसभा सदस्य विनायक राउत के खिलाफ अपनी बहू को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने और उसपर काला जादू करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में राउत के बेटे और पांच अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि 10 जून को यहां कपूरबावड़ी पुलिस थाने में गिरजा राउत (38) ने प्राथमिकी दर्ज कराई। गिरजा, राउत के बेटे जितेश (जिसे गीतेश भी कहा जाता है) की पत्नी हैं, जो उनसे अलग रह रही हैं।

उन्होंने कहा, “यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और ‘महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी एवं अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम अधिनियम’ के तहत दर्ज किया गया था। इसमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के साथ-साथ महिला को तंत्र-मंत्र वाली रीतियों का शिकार बनाने का आरोप भी शामिल है।”

अधिकारी ने बताया कि शिकायत करने वाली महिला के अनुसार, दिसंबर 2017 में उसकी शादी जितेश से तय की गई थी, जबकि राउत परिवार को यह पता था कि वह (जितेश) शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ है।

अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा, ‘‘पीड़िता का आरोप है कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या और थाईलैंड जैसे देशों की यात्रा के दौरान, जब भी उसने शारीरिक संबंध न बनाये जाने पर सवाल उठाया, तो उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। इसके बजाय, उसे बताया गया कि कोई ‘बाहरी बाधा’ उनके रास्ते में रुकावट डाल रही है।’’

उन्होंने यह भी कहा है कि “बाधा” दूर करने के बहाने, दो तथाकथित धर्मगुरुओं समेत कई लोगों ने कई तरह की अश्लील हरकतें कीं।

अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा, “पीड़िता का आरोप है कि उसकी सास ने उसे मासिक धर्म रोकने वाली गोलियां लेने के लिए मजबूर किया, जिससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ चिकित्सा लापरवाही बरती गई, क्योंकि कथित तौर पर विशेषज्ञों ने उसे सही इलाज देने से इनकार कर दिया और इसके बजाय घर पर ही इनसेमिनेशन (गर्भधारण की प्रक्रिया) कराने का सुझाव दिया।”

सभी आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व सांसद विनायक राउत ने कहा कि जितेश और गिरिजा के बीच तलाक की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बातचीत के दौरान, गिरिजा राउत ने टेरेस वाला तीन बेडरुम का फ्लैट, एक ऑटोमैटिक कार, हर महीने दो लाख रुपये का गुजाराभत्ता और समझौते के तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की थी।

विनायक राउत ने कहा, “हमने कोई भी मांग नहीं मानी है।”

उन्होंने कहा कि महिला ने उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए एक नया नोटिस भेजा। राउत का आरोप है कि नोटिस में महिला ने हर महीने पांच लाख रुपये का गुजारा-भत्ता, 10 करोड़ रुपये और मानसिक परेशानी के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की।

राउत ने काले जादू के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि वह तंत्र-मंत्र या काले जादू जैसी चीज़ों में विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप झूठे हैं और उनपर एवं उनके परिवार पर दबाव बनाने के लिए लगाए गए हैं।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश