नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर छह जालसाजों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते थे।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी (25), ध्रुव (21), अनीश गुप्ता (20), सिमरन (24), इशिका (25) और बॉबी श्रेष्ठ (22) के रूप में हुई है।
पुलिस ने कहा कि गिरोह दिल्ली के ख्याला में किराए के एक फ्लैट से संचालित हो रहा था तथा उत्तर पूर्वी दिल्ली के साइबर थाने की टीम ने एक शिकायत के बाद इसे गिरोह का भंडाफोड़ किया।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राहुल अलवल ने एक बयान में कहा कि करावल नगर के व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई कि जालसाजों ने उसे फोन कर खुद को बैंक प्रतिनिधि बताया और उसके क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा बढ़ाने की पेशकश की।
शिकायकर्ता ने आरोप लगाया कि उसका विश्वास जीतने के बाद, ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड का गोपनीय विवरण प्राप्त कर लिया और कथित तौर पर अनधिकृत रूप से उसके खाते से लगभग 1.31 लाख रुपये निकाल लिए।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में ई-प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान, पुलिस टीम ने पाया कि अवैध रूप से निकाली गई राशि का एक हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल फोन और दो पावर बैंक खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
उनके मुताबिक, तकनीकी विश्लेषण से पुलिस अनीश गुप्ता तक पहुंची, जिसने शिकायतकर्ता से संपर्क किया था।
डीसीपी के अनुसार पूछताछ के दौरान गुप्ता ने खुलासा किया कि वह किराए के फ्लैट से संचालित होने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर में काम कर रहा था।
उसके खुलासे के आधार पर, पुलिस टीम ने परिसर पर छापा मारा और बाकी आरोपियों को पकड़ लिया।
जांच से पता चला कि सोलंकी और सिमरन कथित तौर पर फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि इशिका और ध्रुव ‘कॉलर (फोनकर्ता)’ के तौर पर काम करते थे और पीड़ितों से संपर्क करते थे तथा खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनके क्रेडिट कार्ड का गोपनीय विवरण हासिल करते थे जिनका उपयोग बाद में धोखाधड़ी में किया जाता था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ जांच के दौरान ध्रुव को साइबर अपराध के दो मामलों में शामिल पाया गया, जबकि बॉबी श्रेष्ठ के खिलाफ पहले भी साइबर का अपराध एक मामला दर्ज है। मामले की जांच चल रही है।’
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