प्रदर्शनकारी किसानों ने केन्द्र के कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाया ‘होलिका दहन’, किया ये ऐलान

Ads

प्रदर्शनकारी किसानों ने केन्द्र के कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाया ‘होलिका दहन’, किया ये ऐलान

  •  
  • Publish Date - March 28, 2021 / 02:56 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

नयी दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों ने रविवार को ‘होलिका दहन’ के दौरान केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई।

Read More: छत्तीसगढ़ में एक्टिव कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 20 हजार के करीब, आज मिले इतने नए मरीज, 15 की मौत

मोर्चा ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों ने सीमाओं पर होली मनाई और यह सुनिश्चित किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता।

Read More: कोरोना पर भूपेश सरकार का अहम फैसला, रात 9 बजे तक ही खुली रहेंगी दुकानें, इन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे कंटेनमेंट जोन

मोर्चे ने कहा कि पांच अप्रैल को ‘‘एफसीआई बचाओ दिवस’’ मनाया जायेगा और देशभर में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कार्यालयों को घेराव किया जायेगा।

Read More: प्रदेश में आज फिर कोरोना ने लगाई लंबी छलांग, ताजा आंकड़ों ने उड़ाए होश, 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत

बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए हैं। पिछले कुछ वर्षों में एफसीआई का बजट भी घटा है। हाल ही में, एफसीआई ने फसलों की खरीद के नियमों में भी बदलाव किया है।’’

Read More: सार्थक इस्पात में ब्लास्ट मामला, घायल एक और मजदूर की इलाज के दौरान मौत

एसकेएम ने हरियाणा विधानसभा में सार्वजनिक संपत्ति क्षतिपूर्ति वसूली विधेयक-2021 को पारित किये जाने की निंदा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आंदोलनों को दबाना है।

Read More: इन जिलों में रात 9 बजे के बाद बंद हो जाएंगी दुकानें, अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में कलेक्टर घोषित कर सकेंगे कंटेनमेंट जोन