किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ कहने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा : चौटाला

किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ कहने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा : चौटाला

किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ कहने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा : चौटाला
Modified Date: November 29, 2022 / 07:45 pm IST
Published Date: February 9, 2021 2:07 pm IST

जींद (हरियाणा), नौ फरवरी (भाषा) ऐलनाबाद के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि राज्यसभा में प्रधानमंत्री ने किसानों को ‘आंदोलनजीवी’ कहकर मजाक उड़ाया है और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए देश की 80 प्रतिशत आबादी को आंदोलन के लिए मजबूर किया है।

चौटाला ने कहा कि किसानों को आंदोलनजीवी कहकर मजाक उड़ाने वालों को सबक सिखाना जरूरी है, 22 फरवरी को सिरसा में किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें राकेश टिकैत, किसान नेताओं के अलावा सभी खापों को पंचायतों को न्योता दिया गया है।

अभय सिंह चौटाला मंगलवार को किसान जन जागरण अभियान के तहत जिले के गांव मनोहरपुर में कार्यक्रम आयोजित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने तीन कृषि कानून बनाकर किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर देश को गुमराह किया है।

चौटाला ने कहा कि देश के लोगों का प्रधानमंत्री से भरोसा उठ चुका है।

भाषा सं. धीरज

धीरज


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