अदालतों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं की फीस में 11 साल बाद बढ़ोतरी

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अदालतों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं की फीस में 11 साल बाद बढ़ोतरी

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 03:57 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 03:57 PM IST

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार की ओर से अदालतों में प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों की फीस लगभग 11 साल बाद बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय कानून मंत्रालय ने पांच फरवरी को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि अब नियमित अपील और अंतिम सुनवाई पर बचाव के लिए पेश होने वाले वाले ‘ए’ समूह के वकीलों को हर मामले पर प्रति दिन 21,600 रुपये मिलेंगे, जबकि ‘बी’ और ‘सी’ समूह के वकीलों को 14,400 रुपये मिलेंगे।

पहले, ‘ए’ समूह के वकीलों को 13,500 रुपये और ‘बी’ तथा ‘सी’ समूह के वकीलों को 9,000 रुपये मिलते थे। सरकार के वकीलों के की फीस आखिरी बार अक्टूबर 2015 में संशोधित की गई थी।

इसके अलावा, अन्य प्रकार के मामलों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के साथ सम्मेलन आयोजित करने के लिए फीस को भी संशोधित किया गया है। साथ ही दिल्ली या राज्य की राजधानी में पेश होने वाले वकीलों की फीस में भी वृद्धि की गई है।

इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महंगाई और पेशेवरों को नियुक्त करने से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह वृद्धि की गई है।

पूर्व केंद्रीय विधि सचिव अंजू राठी राणा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘केंद्र सरकार के वकीलों के लिए फीस संशोधन अधिसूचना अब लागू हो गई है। कानून सचिव के रूप में कार्यकाल के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया था। सभी वकीलों को बधाई। यह एक दशक से अधिक समय से लंबित था। मुझे खुशी है कि यह प्रयास अपने सही निष्कर्ष पर पहुंचा।’’

विधि आयोग की सदस्य सचिव राणा ने कहा कि यह वृद्धि अदालतों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभाशाली वकीलों को बनाए रखने के लिए आवश्यक थी।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल

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