चंडीगढ़, 12 जुलाई (भाषा) हरियाणा के पंचकूला जिला अदालत परिसर में अपने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई के सिलसिले में पहुंचे सेना के एक अधिकारी के साथ मारपीट करने और बाद में बंधक बनाए जाने के आरोप में पुलिस ने कुछ वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंडोक की शिकायत पर पंचकूला पुलिस ने शुक्रवार को वकील मनिंदर सिंह बिट्टा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी के अनुसार, पंचकूला के चंडी मंदिर सैन्य ठिकाने में तैनात चंडोक ने बताया कि पिछले एक साल से वह और उनकी पत्नी अलग रह रहे हैं।
चंडोक की पत्नी ने पंचकुला जिला अदालत में उनके खिलाफ तीन मामले दर्ज कराए हैं।
अधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है, ‘नौ जुलाई को पंचकूला की पारिवारिक अदालत में मेरे मामलों की सुनवाई के दौरान, विपक्षी वकील मनिंदर सिंह बिट्टा और उनके सहयोगियों ने मेरे साथ बदसलूकी की। इसके बाद उन्होंने करीब 10 से 17 वकीलों को बुला लिया, जिन्होंने अदालत कक्ष के बाहर मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट की।’
उन्होंने आरोप लगाया कि बिट्टा और अन्य वकील उन्हें एक अन्य अधिवक्ता के चेंबर में ले गए, जहां उन्हें बंधक बना लिया गया और दोबारा उनके साथ मारपीट की गई।
चंडोक ने कहा, ‘मनिंदर सिंह बिट्टा और उनके सहयोगियों ने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने समझौते के कागजात पर दस्तखत नहीं किए, तो वे मुझे छोड़ेंगे नहीं और मारेंगे-पीटेंगे। उनकी धमकियों के आगे झुककर मुझे एक राजीनामे पर हस्ताक्षर करने पड़े, जिसे मैं पढ़ भी नहीं पाया। मैं सिर्फ इतना देख सका कि वह कागजात पांच-छह लाइनों का था।’
दूसरी ओर, वकील बिट्टा ने रविवार को चंडोक के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी उन्हें इसलिए निशाना बना रहे हैं, क्योंकि वह उनके वैवाहिक विवाद मामले में विपक्षी पक्ष के वकील हैं।
बिट्टा ने दावा किया, ‘असल में, मैंने खुद पंचकूला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि लेफ्टिनेंट कर्नल चंडोक ने अदालत परिसर में मुझपर हमला करने की कोशिश की और गाली-गलौज भी की। मैंने इस घटना के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत सौंप दी थी।’
उन्होंने कहा, ‘मैंने अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देने की भी मांग की है। इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है क्योंकि फुटेज मिलने से पहले उच्च न्यायालय की मंजूरी ज़रूरी होती है।’
भाषा सुमित सुरेश
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