पहले काम का अधिकार छीना, अब निवाला भी छीन रही है मोदी सरकार: खरगे

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पहले काम का अधिकार छीना, अब निवाला भी छीन रही है मोदी सरकार: खरगे

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 11:46 AM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 11:46 AM IST

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की वार्षिक सीमा नौ से घटाकर चार किए जाने को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पहले ग़रीब से मनरेगा के तहत काम का अधिकार छीना और अब रोटी का निवाला भी छीन रही है।

सरकार ने हाल में उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की वार्षिक सीमा नौ से घटाकर चार कर दी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि यह बदलाव औसत घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। वर्ष 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत पहले लाभार्थियों को साल में 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते थे। हालांकि, पिछले साल सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या घटाकर नौ कर गई थी, जिसे अब और भी घटाकर चार कर दिया गया है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मोदी सरकार के 12 सालों में ग़रीबी घटाने के अभियान की वास्तविकता है कि पहले ग़रीब से मनरेगा के तहत काम का अधिकार छीना, अब रोटी का निवाला भी छीना जा रहा है।’

उन्होंने कहा कि 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया था कि उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को लकड़ी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिलेगी तथा साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन पिछले साल इसे 12 से घटाकर 9 और अब 4 कर दिया गया है।

खरगे ने कहा, ‘2026 में अब सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या 9 से घटाकर केवल चार कर दी गई। एलपीजी की कीमतें बार-बार बढ़ाई गईं। यानी, 12 का वादा, पर 4 का इरादा। 5.56 करोड़ लाभार्थी गैस सिलेंडर ख़रीदने में असमर्थ हैं।’

उन्होंने कहा, ‘‘सिलेंडर छोड़, माता-बहनें चूल्हा अपनाने को मजबूर… उनके आंसुओं पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली मोदी सरकार सत्ता के नशे में चूर।’

भाषा हक तान्या वैभव

वैभव