मिजोरम में पहले राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन

मिजोरम में पहले राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन

मिजोरम में पहले राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन
Modified Date: July 29, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: July 29, 2026 6:42 pm IST

आइजोल, 29 जुलाई (भाषा) मिजोरम में बुधवार को पहले राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) का गठन किया गया। राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने आयोग अध्यक्ष और दो सदस्यों को पद की शपथ दिलाई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि राजभवन में आयोजित समारोह में गौहाटी उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मार्ली वानकुंग ने आयोग की पहली अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। वहीं, सेवानिवृत्त मिजोरम न्यायिक सेवा अधिकारी वानलालेनमाविया और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के. लाल न्घिंगलोवा ने सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री लालदुहोमा, विधानसभा अध्यक्ष लालबियाकजामा, नेता प्रतिपक्ष लालछंदामा राल्टे और राज्य मंत्रिमंडल सदस्य समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1964 में जन्मी न्यायमूर्ति वानकुंग ने अंग्रेजी, कानून और अंतरराष्ट्रीय कानूनी अध्ययन में डिग्री हासिल की है। उन्होंने 1989 में मिजोरम न्यायिक सेवा में शामिल होकर विभिन्न न्यायिक पदों पर कार्य किया। अक्टूबर 2021 में उन्हें गौहाटी उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और अगस्त 2023 में वह स्थायी न्यायाधीश बनीं। वह इस साल मार्च में सेवानिवृत्त हुईं।

अधिकारियों ने बताया कि गौहाटी उच्च न्यायालय के निर्देश पर इस आयोग का गठन किया गया है। इसके लिए जोफा वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (जेडडब्ल्यूओ) ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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