कश्मीर में बारिश से बाढ़ का खतरा, ज्यादातर नदियों का जलस्तर बढ़ा
कश्मीर में बारिश से बाढ़ का खतरा, ज्यादातर नदियों का जलस्तर बढ़ा
श्रीनगर, 24 जुलाई (भाषा) कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार चौथे दिन शुक्रवार को रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे ज्यादातर नदियों और जल धाराओं का जलस्तर बढ़ गया और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हालांकि, अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी का जल स्तर घटने लगा है। इन दोनों स्थानों पर नदी का जल स्तर बृहस्पतिवार रात बाढ़ के निशान को पार कर गया था।
कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में, खासकर दक्षिण कश्मीर में रुक-रुककर बारिश जारी रही, जिससे कई नदियां उफान पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि झेलम नदी, जिसका जलस्तर बृहस्पतिवार को बाढ़ के निशान से ऊपर पहुंच गया था, शुक्रवार को कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, सुबह से ही इसका जलस्तर घट रहा है।
दोपहर करीब 12 बजे दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम में झेलम नदी का जलस्तर 18.90 फुट दर्ज किया गया, जो बाढ़ के निशान 21 फुट से थोड़ा नीचे है।
हालांकि, अन्य बाढ़ निगरानी केंद्रों पर नदी का जलस्तर अब भी बाढ़ के निशान से ऊपर बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के बाहरी इलाके पंपोर में और शहर के मुंशी बाग में झेलम नदी का जल स्तर बाढ़ के निशान से ऊपर है।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान काफी बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक काजीगुंड में 40.2 मिलीमीटर (मिमी), कोकरनाग में 39.2 मिमी और पहलगाम में 25.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण कश्मीर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार शाम से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है।
विभाग ने क्षेत्र में 28 से 31 जुलाई तक फिर से बारिश होने का पूर्वानुमान भी किया है।
भाषा तान्या सुभाष
सुभाष

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