नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर कोई ‘‘प्रतिकूल’’ असर नहीं पड़ा है लेकिन दोनों राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 सहित कुल 20 दल तैनात हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इनमें से एनडीआरएफ का एक दल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास कुशीनगर जिले में तैनात है।
नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। देश में हाल के वर्षों की सबसे भीषण आपदाओं में शामिल इस बाढ़ में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
बुंदेला ने कहा, ‘‘बिहार और उत्तर प्रदेश में अब तक बाढ़ से कोई प्रतिकूल असर नहीं है। हम दोनों राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय जल आयोग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रहा है।’’
उन्होंने बताया कि बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर स्थित पहला बैराज भी निगरानी में है और वहां नेपाल में आई बाढ़ का अब तक कोई असर नहीं पड़ा है।
बुंदेला ने कहा कि भारत ने बुधवार और बृहस्पतिवार को नेपाल के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की दो खेप विमान से भेजी हैं।
महानिरीक्षक ने बताया कि एनडीआरएफ के बचाव दलों की चार टुकड़ियां गाजियाबाद में तैयार हैं और अगर काठमांडू भारत सरकार से अनुरोध करता है तो उन्हें हिंडन वायुसेना अड्डे से विमान के जरिए नेपाल भेजा जाएगा, जहां वे बचाव अभियान संचालित करेंगे।
भाषा शोभना मनीषा
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