कन्नूर (केरल), 12 सितंबर (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शनिवार को मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के उस दावे को खारिज कर दिया कि पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान 787 निजी स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति की गई थी।
वियजन ने मुख्यमंत्री को नियुक्त किए गए लोगों की सूची जारी करने की चुनौती दी।
यूडीएफ मंत्रियों द्वारा बड़ी संख्या में निजी स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति किए जाने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा था कि एलडीएफ के कार्यकाल में 787 ऐसे स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति हुई थी, जबकि मौजूदा सरकार में यह संख्या 500 से कम है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि आरोप लगाने के बजाय नियुक्त किए गए निजी स्टाफ सदस्यों का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने पूछा, “जब वे 787 कहते हैं, तो मैं उनसे पूछ रहा हूं कि उन लोगों की सूची जारी करें कि वे कौन हैं। क्या यही नहीं किया जाना चाहिए?”
विजयन ने कहा कि सतीशन द्वारा बताई गई संख्या गलत है और उन्होंने दोहराया कि इन लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैंने उन नामों को भी सार्वजनिक करने के लिए कहा है। उन नामों को जारी कर देना ही पर्याप्त होना चाहिए, है ना? क्या यही नहीं किया जाना चाहिए?”
विजयन ने यूडीएफ नेताओं पर “तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी फैलाने” की आदत होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा बिजली संकट के लिए पिछली एलडीएफ सरकार को जिम्मेदार ठहराकर वे जनता को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी फैलाना उनके लिए एक आदत बन गई है। सरकार को तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उसे कभी भी तथ्यात्मक रूप से गलत बातें नहीं कहनी चाहिए। उसे जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। जनता के सामने तथ्य रखे जाने चाहिए; यही अपेक्षा की जाती है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।”
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