शिलांग, 10 सितंबर (भाषा) ‘यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी’ के विधायक लखमेन रिंबुई ने बुधवार को विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र में बिजली सकंट का जिक्र करते हुए कहा कि शहरी लोगों के लिए ‘कैंडल लाइट डिनर’ भले ही एक विलासिता हो, लेकिन बांग्लादेश सीमा के पास स्थित मेघालय के अम्लारेम में यह मजबूरी बन गया है।
रिंबुई ने कहा कि दो बिजली परियोजनाओं लकरोह और लेश्का के बावजूद, वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक उपखंड अम्लारेम के निवासियों को रोजाना बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के पूर्व गृह मंत्री ने सरकार से इस संकट को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
इसका जवाब दे रहे बिजली मंत्री अबू ताहिर मंडल ने माना कि अम्लारेम में बिजली की समस्या है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपूर्ति में सुधार के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अम्लारेम उपखंड और बाकुर-डॉकी-दारांग क्षेत्र में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं के कारण अक्सर बिजली गुल हो जाती है। इन कारणों से बिजली के तार टूट जाते हैं और सुपारी, केले, बांस और फसलों वाले खेतों से गुजरने वाली लाइनों पर पेड़ गिरने से भी बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
मंडल ने बताया कि संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और एलआर परियोजनों के तहत प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए भी पूर्व घोषित बिजली कटौती की जाती है।
उन्होंने बताया कि अम्लारेम उपखंड में वर्तमान में 16 लाइनमैन और अन्य कर्मचारी तैनात हैं जो बिजली उपकरणों में आने वाली खराबी की मरम्मत करके जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करते हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग अम्लारेम में आपूर्ति में सुधार के लिए जल्द ही सिंडाई बिजलीघर को मंजूरी देने पर काम कर रहा है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वेस्ट गारो हिल्स जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र राजाबाला में बिजली की समस्या एक नए बिजलीघर के चालू होने के साथ ही इस वर्ष के भीतर हल हो जाएगी।
भाषा खारी मनीषा
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