हत्या के बाद शव को टुकड़े -टुकड़े कर वृंदावन में यमुना में फेंका, चार गिरफ्तार

Ads

हत्या के बाद शव को टुकड़े -टुकड़े कर वृंदावन में यमुना में फेंका, चार गिरफ्तार

  •  
  • Publish Date - March 2, 2026 / 03:37 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 03:37 PM IST

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) दिल्ली के द्वारका में लूटपाट के इरादे से 48 वर्षीय भोजनालय मालिक की उसके दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित रूप से हत्या कर दी और शव को टुकड़े-टुकड़े करके उत्तर प्रदेश में वृंदावन के पास यमुना नदी में फेंक दिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि 18 फरवरी को हुई हत्या के सिलसिले में एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हैप्पी उर्फ सूरज (29) ने लगभग एक साल पहले छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाने वाले अनरूप गुप्ता (48) से दोस्ती की थी। सूरज ने देखा कि गुप्ता अक्सर सोने के आभूषणों पहनता है और उसे यह भी पता चला कि वह अपने परिवार से अलग रहता है।

द्वारका के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने बताया कि 18 फरवरी को हैप्पी ने गुप्ता को मटियाला एक्सटेंशन स्थित अपने किराए के मकान में पार्टी के लिए बुलाया और वहां आरोपियों ने उसे कथित तौर पर रस्सियों से बांध दिया और लाठियों से पीटने के बाद पैसे मांगे।

अधिकारी के अनुसार, गुप्ता ने उन्हें बताया कि उसकी सोने की अंगूठियां और ब्रेसलेट छत्तीसगढ़ सदन में खड़ी उसकी एसयूवी कार में हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जबरदस्ती कार की चाबियां छीन लीं, गाड़ी को मटियाला ले गए और सोने के गहने उसमें से निकाल लिए। हालांकि, जब गुप्ता ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उसे फिर से पीटा गया और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

डीसीपी ने बयान में कहा, “हैप्पी ने कथित तौर पर एक बड़ा चाकू खरीदा और शव के टुकड़े कर दिए। शरीर के अंगों को प्लास्टिक के तीन बैगों में पैक किया गया। गुप्ता की एसयूवी का उपयोग करके बैगों को ले जाया गया और उत्तर प्रदेश के वृंदावन के पास यमुना नदी में फेंक दिया गया।”

जांचकर्ताओं को गुमराह करने के प्रयास में, उन्होंने गुप्ता का मोबाइल फोन कार के अंदर ही छोड़ दिया और उसे बंद नहीं किया। उन्होंने पीड़ित के फोन से छत्तीसगढ़ सदन कैंटीन के कर्मचारियों को संदेश भेजकर कैंटीन बंद करने और घर जाने के लिए कहा। गुप्ता के परिवार को भी संदेश भेजा गया जिसमें कहा गया कि वह छुट्टियां मनाने गोवा जा रहा है और उसे परेशान न किया जाए।

सिंह ने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब गुप्ता के परिवार ने 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस के द्वारका नॉर्थ थाने में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, क्योंकि वह उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था और उसकी एसयूवी भी लापता थी।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पीड़ित की गतिविधियों का पता लगाने के लिए टोल प्लाजा और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की लगातार तीन दिनों तक जांच की गई और जांच में पता चला कि गुप्ता ने 18 फरवरी को ‘बाइक राइड’ बुक की थी और छत्तीसगढ़ सदन में अपनी एसयूवी खड़ी करके मटियाला एक्सटेंशन की ओर रवाना हो गया था। सीसीटीवी कैमरा फुटेज में उसे वहां एक इमारत में प्रवेश करते हुए देखा गया।

सिंह ने कहा कि मगर वह इमारत से बाहर आते नहीं दिखा और बाद में चार अन्य व्यक्तियों को भी उसी इमारत में प्रवेश करते देखा गया।

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच से पीड़ित की कार की संदिग्ध गतिविधि का पता चला और गाड़ी को इमारत के तहखाने में प्रवेश करते और बाहर निकलते हुए देखा गया और फिर 19 और 20 फरवरी की दरमियानी रात को यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाते हुए देखा गया।

पुलिस ने बताया कि एनएचएआई के टोल डेटा से पुष्टि हुई कि एसयूवी वृंदावन गई थी और कुछ ही घंटों बाद नोएडा लौट आई थी।

अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस को भी दी गई तथा मथुरा जिले की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद यमुना नदी से शरीर के क्षत-विक्षत अंग बरामद किए गए।

अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की आगे की जांच की गई और मुख्य साजिशकर्ता हैप्पी उर्फ सूरज की पहचान हुई, जो हरियाणा के हांसी का निवासी है।

डीसीपी के मुताबिक, हैप्पी को गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और अपनी सह-जीवन साथी राखी के साथ मिलकर कथित तौर पर साजिश रचने की बात कबूल की।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश