‘गगनयान’ एक बार का मिशन नहीं होगा, सरकार ने सतत मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को मंजूरी दी: इसरो

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‘गगनयान’ एक बार का मिशन नहीं होगा, सरकार ने सतत मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को मंजूरी दी: इसरो

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  • Publish Date - April 15, 2023 / 09:07 PM IST,
    Updated On - April 15, 2023 / 09:07 PM IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) भारत का गगनयान मिशन ‘‘एक बार का अभियान’’ नहीं होगा क्योंकि सरकार ने ‘‘सतत मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम’’ को मंजूरी दी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम निदेशालय के निदेशक इम्तियाज अली खान ने यहां ‘बी इंस्पायर्ड: फेस्टिवल ऑफ आइडियाज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कि ‘गगनयान’ के बाद के अंतरिक्ष मिशन में चिकित्सक और वैज्ञानिक जैसे नागरिक शामिल हो सकते हैं।

अली ने कहा कि पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन को अगले साल के अंत में प्रक्षेपित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस उड़ान के लिए भारतीय वायु सेना के चार पायलट का चयन किया गया है और वे मिशन के लिए व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

अली ने कहा, ‘‘गगनयान मिशन ‘एक बार वाला अभियान’ नहीं होगा क्योंकि सरकार ने ‘‘सतत मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम’’ को मंजूरी दी है।’’

उन्होंने कहा कि पहले इसरो भारत की पहली सफल मानव अंतरिक्ष उड़ान को पूरा कर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा, उसके बाद भविष्य के मिशन तय किए जाएंगे।

अली ने कहा कि बाद के मिशन के लिए गैर-पायलट लोग शामिल होंगे, जिनमें नागरिक, महिलाएं, चिकित्सक और वैज्ञानिक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष मिशन शुरू करने के लिए उम्र बहुत सख्त मानदंड नहीं है क्योंकि प्रशिक्षण सत्र के दौरान व्यक्ति को फुर्तीला, स्वस्थ और प्रक्रियाओं को आसानी से समझने में सक्षम होना चाहिए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 10,000 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘गगनयान’ मिशन की घोषणा की थी।

भाषा देवेंद्र माधव वैभव

वैभव